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राजस्थान के 693 में से 282 बांध खाली

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राजस्थान के 693 में से 282 बांध खाली

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प्रदेशवासियों को बारिश का इन्तजार, जलाशयों में बचा 45 प्रतिशत जल हर दिन हो रहा है कम
उदयपुर, 17 जुलाई (संदीप कुमावत):
राजस्थान में मानसून की दस्तक के बावजूद बांधों में पानी का स्तर लगातार गिर रहा है। प्रदेश के 693 बांधों में कुल क्षमता का 45.43 फीसदी ही पानी ही बचा है, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 63.20 फीसदी था। 
राजस्थान में मानसून की एंट्री हो चुकी है। लेकिन बांधों के पेट खाली पड़े हैं। जल संसाधन विभाग की 17 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 693 बांधों में कुल 5,919.09 मिलियन क्यूबिक मीटर (Mcum) पानी ही बचा है, जो बांधों की कुल क्षमता 13,029.09 Mcum का 45.43 प्रतिशत ही है। जबकि पिछले वर्ष 17 जुलाई को यही जलभराव 63.20 प्रतिशत (8234.55 Mcum) था। यानी इस बार पिछले साल की तुलना में  लगभग 2315.46 Mcum कम पानी है। वहीं राजस्थान के ज्यादातर शहर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लोग टैंकरों से काम चला रहे हैं। 
प्रदेश में मानसून सीजन 1 जून से अब तक औसत बारिश 129.07 प्रतिशत के स्थान पर 112.78 प्रतिशत ही हुई है। इसमें सर्वाधिक बारिश प्रतापगढ के अरनोद क्षेत्र में 382 मिलीमीटर दर्ज हुई है। एक दिन में सर्वाधिक 120 एम एम बारिश 7 जुलाई को पाली जिले के कोना क्षेत्र में हुई थी।
बड़े बांधों में भी पानी कम
प्रदेश के 23 प्रमुख बांधों में कुल जलभराव 57.02 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 73.73 प्रतिशत पानी संचित था। सर्वाधिक पानी कोटा जोन के 81 बांधों में 56.18 प्रतिशत है। इसी तरह जयपुर जोन के 186 बांधों में 47.56, बांसवाङा जोन के 63 बांधों में 45.36, उदयपुर जोन के 178 बांधों में 36.60 प्रतिशत पानी बांधों में बचा है। भरतपुर जोन के 68 बांधों में 25.48 व जोधपुर जोन के 117 बांधों में 17.76 प्रतिशत ही पानी बचा है। कुल 693 बांधों में से 282 बांध पूरी तरह खाली पङे हैं।
उदयपुर के 15 जलाशयों में पानी
उदयपुर जिले के 15 प्रमुख जलाशयों में 41.44 प्रतिशत पानी बचा है। इनमें से सर्वाधिक पानी फतहसागर झील में 65.54 प्रतिशत है। इसी तरह उदयसागर में 64.97, ओगणा बांध में 63.02, पिछोला(स्वरूप सागर) में 62.09, साबरमती में 61.37, मानसी वाकल में 54.36, वल्लभनगर में 53.39, जोगीवङ में 44.43, बङगांव में 35.66, सोम कागदर में 35.03, घासा में 31.76, सेई बांध में 22.69, आकोदङा बांध में 7.60, खरताणा में 4.07, बागोलिया बांध में 2.93 प्रतिशत ही पानी बचा है।
उम्मीदों से भरे आने वाले सप्ताह
जल संसाधन विभाग का मानना है कि चंबल, माही, बनास और अन्य नदी बेसिनों के कैचमेंट क्षेत्रों में अगले कुछ सप्ताह अच्छी बारिश होने पर जलाशयों की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। इससे पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।

प्रमुख आंकड़े

  • कुल बारिश (1 जून-17 जुलाई): 112.78 मिमी
  • सामान्य बारिश: 129.07 मिमी
  • सामान्य से कम: 16.29%
  • कुल बांध: 693
  • जलभराव: 5,919.09 Mcum (45.43%)
  • पिछले वर्ष इसी दिन: 8234.55 Mcum (63.20%)
  • पूरी तरह भरे बांध: 7
  • आंशिक भरे: 404
  • पूरी तरह खाली : 282

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