डूंगरपुर में 7 माह की गर्भवती महिला की बच्चेदानी फटी
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10 यूनिट खून चढ़ाकर बचाई जान, 7 दिन बाद अस्पताल से मिली छुट्टी
डूंगरपुर, 9 जनवरी: डूंगरपुर के श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल के मातृ-शिशु अस्पताल में डॉक्टरों ने समय रहते जटिल ऑपरेशन कर 7 माह की गर्भवती महिला की जान बचाकर मिसाल पेश की। बच्चेदानी फटने (रप्चर यूटेरस) से गंभीर हालत में पहुंची महिला को 10 यूनिट खून चढ़ाकर नई जिंदगी दी गई। इलाज के बाद महिला को 7 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
कलालघाटा निवासी गौरी गमेती (30) पत्नी विमलेश गमेती को तेज पेट दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। महिला पहले ही तीन बार सीजेरियन डिलीवरी करा चुकी थी और डायबिटीज की मरीज भी थी। अस्पताल पहुंचते समय वह शॉक की स्थिति में थी।
जांच के बाद चिकित्सकों ने बच्चेदानी फटने की पुष्टि की, जिससे महिला की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। हालात को देखते हुए डॉ. मोनिका परमार, डॉ. आशीष प्रजापति, डॉ. गजेंद्र कलाल और डॉ. प्रियंका की टीम ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। एनेस्थीसिया सेवाएं डॉ. नीतू मौर्य ने दीं। महिला की जान बचाने के लिए ऑपरेशन के दौरान बच्चेदानी को हटाना पड़ा। इस दौरान और बाद में कुल 10 यूनिट रक्त चढ़ाया गया।
डॉ. गजेंद्र कलाल ने बताया कि बच्चेदानी फटने से गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। महिला का शुगर लेवल भी 600 तक पहुंचा हुआ था, जिसे नियंत्रित करने के बाद ऑपरेशन किया गया। करीब ढाई घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद महिला को आईसीयू में रखा गया। दो दिन की निगरानी और लगातार सुधार के बाद सातवें दिन टांके हटाकर महिला को स्वस्थ हालत में छुट्टी दे दी गई। महिला का पति विमलेश गमेती मजदूरी करता है। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया है।
