सुप्रीम कोर्ट : एससी वर्ग पर फैसले को ऐतिहासिक बताया मेवाड़ के सांसदों ने
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मूल संस्कृति की रक्षा के लिए यह सिद्धांत एसटी पर भी हो लागू
उदयपुर, 25 मार्च : सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े हालिया फैसले को उदयपुर के लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इसे लोकतंत्र, न्याय व्यवस्था और संविधान के संदर्भ में ऐतिहासिक बताया है। इसी तरह, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने भी प्रतिक्रिया देते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया है।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी वर्ग से जुड़े धर्मांतरण के मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति अनुसूचित जाति से अन्य धर्म में परिवर्तित हो जाते हैं, वे एससी वर्ग के आरक्षण और उससे जुड़े लाभों के पात्र नहीं रहेंगे। अदालत ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक भेदभाव झेल रहे मूल वर्ग को संरक्षण देना है, इसलिए इसका लाभ उन्हीं को मिलना चाहिए।
एसटी पर भी लागू हो यह सिद्धांत : डॉ. रावत

लोकतंत्र, न्याय व्यवस्था व संविधान के संदर्भ में यह ऐतिहासिक फैसला है। स्पष्टत: व्याख्या हुई है कि यदि कोई सदस्य हिंदू, सिख एवं बौद्ध नहीं तो उसे एससी की संवैधानिक सुविधाएं नहीं मिलेंगी। साथ ही देश की 13 करोड़ से अधिक 720 जनजातियां भी आन्दोलनरत है कि मूल संस्कृति की रक्षा हेतु ये सिद्धांत एसटी पर भी लागू होवें।
-डॉ मन्नालाल रावत, सांसद एवं सदस्य, केंद्रीय टोली, जनजाति सुरक्षा मंच

वास्तविक लाभ पात्रों को मिलेगा : गरासिया
इस निर्णय से अनुसूचित जाति वर्ग के वास्तविक पात्र लोगों को लाभ मिलेगा और योजनाओं का सही लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचेगा। लंबे समय से इस विषय पर स्पष्टता की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अदालत के इस फैसले से सामाजिक न्याय की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस निर्णय से समाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
-चुन्नीलाल गरासिया, राज्यसभा सांसद
