नाबालिग से दुष्कर्म को दोषी युवक 20 साल का कठोर कैद
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उदयपुर, 25 मार्च: उदयपुर के विशिष्ट न्यायालय (पॉक्सो प्रकरण) ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता और ऐसे अपराध समाज के खिलाफ गंभीर चुनौती हैं।
मामले के अनुसार 8 जून 2025 को मावली थाना क्षेत्र से 17 वर्षीय नाबालिग के लापता होने पर परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरिओम (30) लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उदयपुर, मावली व कोटा में अलग-अलग स्थानों पर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की आयु से जुड़े दस्तावेज और मेडिकल साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। पीठासीन अधिकारी संजय कुमार भटनागर ने आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को भी गंभीरता से लेते हुए सख्त सजा सुनाई।
न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 5L/6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(M) के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इसके अलावा न्यायालय ने पीड़िता के शारीरिक व मानसिक आघात को देखते हुए राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 1 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
