रामनवमी पर भव्य उपहार: 131 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण
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प्रणाम मुद्रा में हनुमान और श्रीनाथजी की ओर मुख
राजसमंद, 26 मार्च: रामनवमी के पावन अवसर पर नाथद्वारा में 131 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा ‘श्री श्रीजी के हनुमानजी’ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लोकार्पण किया गया। जैसे ही प्रतिमा का अनावरण हुआ, पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ और ‘बजरंगबली की जय’ के जयघोष से गूंज उठा। गिरिराज पर्वत पर करीब 500 फीट ऊंचाई पर स्थापित यह प्रतिमा अब क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र बन गई है।
दक्षिणमुखी हनुमान प्रतिमा को भगवान श्रीनाथजी और 369 फीट ऊंची विश्वास स्वरूपम (भगवान शिव) की ओर प्रणाम मुद्रा में स्थापित किया गया है। मान्यता है कि श्रीनाथजी के मेवाड़ आगमन के साथ देवताओं ने भी यहां वास किया, इसी भाव से हनुमानजी की स्थापना की गई है।

तीन साल निर्माण, स्वर्ण जैसी आभा
करीब 150 टन वजनी इस प्रतिमा को तैयार करने में तीन साल का समय लगा। निर्माण के दौरान प्रतिदिन सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रतिमा पर थाइलैंड से मंगवाया गया विशेष गोल्डन कोटिंग किया गया है, जिससे इसकी चमक लंबे समय तक बनी रहेगी। यह प्रतिमा 30 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देती है। प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत ने बताया कि पहाड़ी पर तेज हवा के दबाव के कारण निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। क्रेन खड़ी रखना भी कठिन था, फिर भी आधुनिक तकनीक से इसे सुरक्षित और मजबूत बनाया गया।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
तिलकायत परिवार के सदस्य विशाल बावा द्वारा लोकार्पित यह प्रतिमा अब धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी। गिरिराज पर्वत श्रद्धालुओं के लिए नया आकर्षण बन गया है, जहां अब श्रीनाथजी मंदिर के साथ हनुमानजी के दर्शन भी संभव होंगे।
