नारी शक्ति वंदन विधेयक पर भाजपा का हमला, कांग्रेस के विरोध को बताया महिला विरोधी
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उदयपुर से दिल्ली पहुंचीं महिलाओं ने जताया आक्रोश, कहा- महिलाओं के अधिकारों से समझौता बर्दाश्त नहीं
नई दिल्ली/उदयपुर, 18 अप्रैल: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए विपक्ष के विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण और महिला विरोधी बताया है। संसद में इस विधेयक को लेकर हुए विरोध के बाद उदयपुर से दिल्ली पहुंचीं महिला प्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने वाले इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध देश की आधी आबादी की भावनाओं के खिलाफ है।
राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ सहित कई नेताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान, अधिकार और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल था, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध कर महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी नकारात्मक सोच उजागर कर दी।
उदयपुर से दिल्ली पहुंची महिला प्रतिनिधियों में डॉ. सीमा चंपावत, पिंकी मांडावत, डॉ. सोनिका जैन, रितु अग्रवाल, सोनल मीणा, रीता पुरी गोस्वामी, खुशबू राठौड़ और लक्ष्मी आहारी ने इस विरोध को महिलाओं की आकांक्षाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि देशभर से आई महिलाओं को उम्मीद थी कि यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का नया रास्ता खोलेगा, लेकिन विपक्ष के रवैये से निराशा हुई।
भाजपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और आने वाले समय में जनता कांग्रेस को इसका जवाब देगी। महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि नारी सशक्तिकरण की इस लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
