टेंडर अनियमितता मामले में डॉ. बामणिया को राहत
Share
हाईकोर्ट ने एसीबी जांच पर लगाई रोक
उदयपुर, 28 अप्रैल: राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने उदयपुर के सीएमएचओ डॉ. शंकरलाल बामणिया को टेंडर अनियमितता मामले में बड़ी राहत देते हुए एसीबी की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई में टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सुनियोजित और दुर्भाग्यपूर्ण प्रतीत होती है।
दरअसल, करीब डेढ़ माह पहले राज्य सरकार ने डॉ. बामणिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की अनुमति दी थी। एसीबी को शिकायत मिली थी कि डॉ. बामणिया ने पद का दुरुपयोग करते हुए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी ने राज्य सरकार से विस्तृत जांच की अनुमति मांगी थी, जिसे मंजूरी मिल गई थी।
उदयपुर में वर्तमान में दो सीएमएचओ कार्यरत हैं—डॉ. अशोक आदित्य और डॉ. शंकरलाल बामणिया। विभागीय अधिकार डॉ. अशोक आदित्य के पास हैं, जबकि डॉ. बामणिया हाईकोर्ट के आदेश पर पदस्थापित हैं। दोनों अधिकारियों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है।
डॉ. बामणिया का कहना है कि जब डॉ. अशोक आदित्य को डीडीओ पावर मिले, तब उन्होंने उन्हीं तीन फर्मों को टेंडर जारी किए, जिनके आधार पर उनके खिलाफ शिकायत की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने गलत पता दिया, शिकायत पर हस्ताक्षर नहीं थे और मोबाइल नंबर भी नहीं दिया गया। ऐसे में शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल डॉ. बामणिया के खिलाफ एसीबी की जांच पर रोक लग गई है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत इस प्रकरण पर विस्तृत विचार करेगी।
