प्रेम संबंध में रची साजिश, भाई की हत्या में प्रेमी समेत दो को उम्रकैद
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3.5 साल बाद कोर्ट का फैसला; बहन सबूतों के अभाव में बरी
चित्तौड़गढ़, 5 मई: प्रेम संबंध के चलते भाई की हत्या कराने के बहुचर्चित मामले में अदालत ने साढ़े तीन साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी प्रेमी महावीर धोबी और उसके साथी महेंद्र धोबी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि मृतक की बहन तनीषा उर्फ तनु को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
मामला दिसंबर 2022 का है, जब गंगरार क्षेत्र में गढ़ बालाजी मंदिर के पीछे एक कुएं में एक युवक का शव मिला था। बाद में उसकी पहचान मंदसौर निवासी महेंद्र राइका के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि महावीर धोबी और तनीषा के बीच प्रेम संबंध थे, जिसका मृतक विरोध करता था।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित होकर हत्या की साजिश रची। 16 नवंबर 2022 को महेंद्र को गंगरार चौराहे पर बुलाया गया, जहां से उसे सुनसान इलाके में ले जाकर पहले नशा कराया गया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव के हाथ-पैर तार से बांधकर कुएं में फेंक दिया गया, जिससे सबूत मिटाने की कोशिश की गई। घटना के दौरान कुएं में लगे एंगल से टकराने पर शव का सिर धड़ से अलग हो गया था। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद महावीर और उसके साथी को दोषी ठहराया गया, जबकि बहन के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया।
