अस्पतालों में मॉकड्रिल, स्टाफ को दिए आपदा प्रबंधन के गुर
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उदयपुर, 7 मई: बढ़ती गर्मी और आगजनी की संभावनाओं को देखते हुए जिले में अग्नि सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आया। अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत गुरुवार को उदयपुर के झाड़ोल सैटेलाइट हॉस्पिटल तथा जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में व्यापक मॉकड्रिल आयोजित कर चिकित्सा स्टाफ को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया।
मॉकड्रिल के दौरान चिकित्साकर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, मरीजों की सुरक्षित निकासी, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। साथ ही अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की पालना और सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा शपथ भी दिलाई गई। चिकित्सा कर्मियों ने संकल्प लिया कि किसी भी आपदा अथवा आगजनी की स्थिति में घबराने के बजाय संयम, समझदारी और तत्परता से कार्य करेंगे।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रागिनी अग्रवाल ने कहा कि गर्मी के मौसम में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। यदि अग्नि सुरक्षा उपायों में कमी रहे तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की रोकथाम के लिए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल, सैटेलाइट एवं निजी अस्पतालों के प्रभारियों को भारत सरकार द्वारा 4 से 10 मई 2026 तक संचालित ‘फायर सेफ्टी वीक’ के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर प्रभारी उप निदेशक डॉ. कैलाश शर्मा ने चिकित्साकर्मियों को शपथ दिलाने के बाद शहर के सभी संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म सहित अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, नियमित मॉकड्रिल आयोजित करने तथा निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार जानकारी IHIP पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। झाड़ोल के बीसीएमओ डॉ. धर्मेन्द्र गरासिया ने चिकित्सा स्टाफ को अग्नि सुरक्षा शपथ दिलाई। कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
