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375 साल पुरानी परम्परा का निर्वहन, जगदीश मंदिर पर चढ़ी नई ध्वजा

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375 साल पुरानी परम्परा का निर्वहन, जगदीश मंदिर पर चढ़ी नई ध्वजा

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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बदली गई ध्वजा, भजन-कीर्तन में झूमे श्रद्धालु
उदयपुर, 8 मई:
शहर के ऐतिहासिक Jagdish Temple में शुक्रवार को पौने चार सौ वर्ष पुरानी परम्परा का भव्य आयोजन हुआ। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के 79 फीट ऊंचे शिखर पर नई ध्वजा चढ़ाई गई। ध्वजा परिवर्तन के इस विशेष आयोजन को देखने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटने लगे।
मंदिर के पुजारी रामगोपाल ने बताया कि परम्परा के अनुसार सबसे पहले नई ध्वजा की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पुरानी ध्वजा उतारकर नई ध्वजा शिखर पर स्थापित की गई। ध्वजा लहराते ही श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ दर्शन किए।
विशेष श्रृंगार और हवन-पूजन
ध्वजा परिवर्तन से पहले मंदिर में हवन, पूजन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुए। भगवान जगदीश की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर भोग अर्पित किया गया। इसके बाद परम्परागत रीति से ध्वजा परिवर्तन की रस्म पूरी की गई
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल
मंदिर परिसर पूरे दिन भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर भगवान जगदीश का गुणगान किया। आसपास के क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर प्रशासन द्वारा पिछले कई दिनों से इस आयोजन की तैयारियां की जा रही थीं।

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