18 घंटे कर्मयोग में जुटे मुख्यमंत्री, स्वच्छ-समृद्ध राजस्थान का महासंकल्प : के.के. गुप्ता
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डूंगरपुर में नागरिक अभिनंदन एवं स्वच्छता संदेश कार्यक्रम, “डूंगरपुर मॉडल” की सीएम ने की सराहना
डूंगरपुर, 22 मई: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को डूंगरपुर दौरे के दौरान राजमाता विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में आयोजित नागरिक अभिनंदन एवं स्वच्छता संदेश कार्यक्रम में भाग लिया। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पारंपरिक मेवाड़ी अंदाज में स्वागत किया गया।
“डूंगरपुर मॉडल” की देशभर में पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर की स्वच्छता व्यवस्था और जनभागीदारी की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर एवं नगर परिषद डूंगरपुर के पूर्व सभापति के.के. गुप्ता ने स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया है। उनके प्रयासों से “स्वच्छता का डूंगरपुर मॉडल” प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में पहचान बना चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में घर-घर कचरा संग्रहण, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक उन्मूलन और वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
“जैसे देश के प्रधान, वैसे ही प्रदेश के कप्तान”
प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री देश के विकास के लिए 18 घंटे कार्य करते हैं, उसी तरह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी राजस्थान को स्वच्छ, सुंदर, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य राजस्थान को देश का नंबर-1 राज्य बनाना है।
गुप्ता ने बताया कि 31 जनवरी 2026 को उन्हें स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का प्रदेश ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के 41 जिलों की 309 नगर निकायों के लिए “डूंगरपुर स्वच्छता मॉडल” के आधार पर कार्यशालाएं आयोजित कर स्वच्छता अभियान को गति दी।
309 निकायों की हो रही डिजिटल मॉनिटरिंग
के.के. गुप्ता ने बताया कि सभी निकायों के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जहां रोजाना जियो-टैग फोटो के जरिए सफाई कार्यों की निगरानी की जा रही है। जिन निकायों में कार्य संतोषजनक नहीं हैं, उनकी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने निकायों के लिए पांच प्राथमिक कार्यों की जानकारी दी, जिनमें घर-घर कचरा संग्रहण, रात्रिकालीन सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, प्लास्टिक थैलियों पर सख्ती और खाली प्लॉट्स में गंदगी रोकने के उपाय शामिल हैं।
निकायों को चार श्रेणियों में बांटा
गुप्ता ने बताया कि प्रदेश की नगर निकायों को कार्यशैली के आधार पर A, B, C और D श्रेणियों में विभाजित किया गया है। A श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकाय हैं, जबकि D श्रेणी में आने वाले निकायों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई गई है।
कार्यक्रम में टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक शंकरलाल डेचा, पूर्व सांसद कनकमल कटारा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और अतिथियों ने स्वच्छता पोस्टर का विमोचन भी किया।
