धम्बोला में ‘जनता के बीच मुख्यमंत्री’ : बैडमिंटन खेला, बच्चों को चॉकलेट बांटी
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मॉर्निंग वॉक बनी जनसुनवाई, बिजली तारों से लेकर साइंस लैब तक मौके पर दिए निर्देश
डूंगरपुर, 22 मई: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धम्बोला दौरा शुक्रवार सुबह एक अलग ही अंदाज में नजर आया। रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले तो पूरा गांव मानो उनके साथ चल पड़ा। सफेद टी-शर्ट में गांव की गलियों से गुजरते मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट बांटी, ग्रामीणों से बातचीत की, मंदिरों में दर्शन किए और अंत में बैडमिंटन खेलकर युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया। करीब दो किलोमीटर की मॉर्निंग वॉक डेढ़ घंटे तक जनसंवाद में बदल गई।
खाट चौपाल में सुनी गांव की धड़कन
मुख्यमंत्री ने क्षेमसागर तालाब की पाल पर खाट चौपाल लगाई, जहां महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं से सीधे संवाद किया। कुल्हड़ चाय के साथ हुई चर्चा में ग्रामीणों ने झूलते बिजली तार, गंदे पानी की निकासी और स्कूल में साइंस लैब की कमी जैसी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गांव में अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने, साइंस लैब शुरू करने और आवश्यक कक्ष निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

दिव्यांग कर्मचारी के ट्रांसफर और इलाज में मदद का भरोसा
मॉर्निंग वॉक के दौरान मानसी पंड्या ने अपने दिव्यांग पिता जयप्रकाश पंड्या के ट्रांसफर की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं संजय पंचाल ने पत्नी की गंभीर बीमारी और आर्थिक संकट की जानकारी देकर मदद मांगी, जिस पर मुख्यमंत्री ने उपचार सहायता का भरोसा दिलाया।
पेपर लीक पर छात्राओं को दी नसीहत
दो छात्राओं ने पेपर लीक की शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दो वर्षों में सभी परीक्षाएं पारदर्शिता से करवाई हैं। उन्होंने छात्राओं से प्रमाण मांगे और मेहनत से आगे बढ़ने की सलाह दी।
तालाब संरक्षण के लिए 50 लाख की घोषणा
मुख्यमंत्री ने क्षेमसागर तालाब की सुंदरता की सराहना करते हुए इसके संरक्षण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने तालाब के चारों ओर रिंगवाल निर्माण और गंदे पानी की निकासी रोकने के निर्देश दिए।
मंदिरों में किए दर्शन
खाट चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेला और बच्चों के साथ फोटो खिंचवाए। उन्होंने गोवर्धननाथ मंदिर और अम्बे माता मंदिर में दर्शन कर परिंडे में पानी डाला तथा गाय को गुड़ खिलाया। बाद में बांसिया स्थित संत गोविंद गुरु की जन्मस्थली पहुंचकर धाम में पूजा-अर्चना की और संतों से आशीर्वाद लिया।
