निमोनिया से पीड़ित मासूम को गर्म सरिए से दागा
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इलाज के बजाय भोपे के पास ले गए परिजन, हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती
उदयपुर, 26 मई: अंधविश्वास और कुप्रथाओं के कारण मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ का मामला भीलवाड़ा में सामने आया है। एक साल की बच्ची को निमोनिया होने पर अस्पताल ले जाने की बजाय परिजन उसे भोपे के पास ले गए, जहां गर्म सरिए से उसके पेट पर डाम लगाया गया। दर्द और संक्रमण से बच्ची की हालत बिगड़ने पर मंगलवार सुबह उसे महात्मा गांधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
गर्म सरिए से दागने के मिले निशान
अस्पताल के पीएमओ एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि बच्ची के पेट पर गर्म सरिए से दागने के स्पष्ट निशान मिले हैं। जांच में सामने आया कि बच्ची को निमोनिया था, लेकिन अंधविश्वास के चलते परिवार उसे रविवार को भोपे के पास ले गया। वहां कथित उपचार के नाम पर बच्ची को बेरहमी से दागा गया। फिलहाल बच्ची को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है।
डाम प्रथा रोकने जागरूकता जरूरी
डॉ. गौड़ ने कहा कि आदिवासी और पिछड़े इलाकों में अब भी डाम प्रथा जैसी कुप्रथाएं प्रचलित हैं। कई मामलों में झाड़-फूंक और गर्म सरियों से दागने के कारण बच्चों की जान तक चली जाती है। उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा को रोकने के लिए प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और चिकित्सा विभाग को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि मासूमों को समय पर सही इलाज मिल सके।
