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मेवाड़ की संस्कृति का प्रवेश द्वार बनेगा उदयपुर एयरपोर्ट

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मेवाड़ की संस्कृति का प्रवेश द्वार बनेगा उदयपुर एयरपोर्ट

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हेरिटेज गैलरी, इलेक्ट्रिक बसें और आधुनिक सुविधाओं के साथ होगा विस्तार
उदयपुर, 5 जून:
महाराणा प्रताप एयरपोर्ट को पश्चिम भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। सांसद सी.पी. जोशी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में एयरपोर्ट के विस्तार, यात्री सुविधाओं और पर्यटन विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में एयरपोर्ट परिसर को मेवाड़ की विरासत थीम पर विकसित करने, आगमन और प्रस्थान क्षेत्र में स्थायी हेरिटेज गैलरी बनाने तथा पर्यटकों को मेवाड़ के इतिहास और संस्कृति से परिचित कराने की योजना पर सहमति बनी। प्रस्तावित गैलरी में महाराणा प्रताप, राणा पूंजा और चेतक की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जबकि मेवाड़ के दुर्गों के थ्री-डी मॉडल और डिजिटल प्रस्तुति भी प्रदर्शित की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल विस्तार, पार्किंग, वाई-फाई, डिजिटल सूचना प्रणाली, चार्जिंग स्टेशन और चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी विकसित होंगी। प्रमुख पर्यटन स्थलों से एयरपोर्ट तक इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने और टैक्सी प्रबंधन को बेहतर बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में एयरपोर्ट को ग्रीन एयरपोर्ट मॉडल के रूप में विकसित करने, सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा आगामी दस वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रनवे विस्तार, कार्गो हब और एयरोसिटी विकास का रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा हुई। विभिन्न विभागों को योजनाओं पर शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।

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