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झाला मान सिंह के बलिदान और पर्यावरण संरक्षण पर हुई साहित्यिक संगोष्ठी

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झाला मान सिंह के बलिदान और पर्यावरण संरक्षण पर हुई साहित्यिक संगोष्ठी

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महाराणा प्रताप जयंती सप्ताह के तहत मोती मगरी में हुआ आयोजन
उदयपुर, 15 जून:
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के उपलक्ष्य में मेवाड़ क्षत्रीय महासभा के सात दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में सोमवार को मोती मगरी स्थित अमर बलिदानी झाला मान सिंह की प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण एवं साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पहल संस्थान उदयपुर एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिला उदयपुर महिला शाखा के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत तथा विशिष्ट अतिथि कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोहन सिंह शक्तावत रहे। डॉ. शक्तावत ने झाला मान सिंह के जीवन, शौर्य और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
संयोजिका ज्योत्स्ना झाला ने हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि जब महाराणा प्रताप शत्रुओं से घिर गए थे, तब झाला मान सिंह ने स्वामीभक्ति का अद्वितीय परिचय देते हुए राजचिह्न स्वयं धारण कर शत्रुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और महाराणा प्रताप को सुरक्षित निकलने का अवसर प्रदान किया। इस दौरान वे वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रो. विमल शर्मा की सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुई संगोष्ठी में वीर रस, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण विषयों पर विचार व्यक्त किए गए तथा कविताओं का पाठ हुआ। कार्यक्रम में प्रताप सिंह तलावड़ा, मुख्तियार कुरैशी, दुर्गेश, हिदायतुल्ला, प्यारे भाई, कमलेंद्र सिंह पंवार, प्रेम सिंह शक्तावत, सतीश शर्मा, अजय सिंह पहल, सत्यपाल डोडिया, कैलाशदान भीमावत, लक्ष्मण पुरी गोस्वामी और मुश्ताक चंचल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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