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उदयपुर में स्वदेशी ‘गगन’ प्रणाली से ऐतिहासिक विमान लैंडिंग

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उदयपुर में स्वदेशी ‘गगन’ प्रणाली से ऐतिहासिक विमान लैंडिंग

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विदेशी ILS के बिना पहली बार इंडिगो विमान ने की सटीक लैंडिंग, भारतीय विमानन में आत्मनिर्भरता की बड़ी छलांग
उदयपुर, 30 जून:
भारत के नागरिक विमानन इतिहास में 27 जून को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई, जब उदयपुर के महाराणा प्रताप हवाई अड्डे पर इंडिगो के एक वाणिज्यिक विमान ने पूरी तरह स्वदेशी उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली GAGAN की सहायता से सफल और सटीक लैंडिंग की। इस दौरान पारंपरिक विदेशी इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का उपयोग नहीं किया गया।
‘गगन’ प्रणाली का संयुक्त रूप से विकास इसरो और एयरपोर्ट अथोरिटी आफ इंडिया ने किया है। यह प्रणाली भू-स्थैतिक उपग्रहों और ग्राउंड रेफरेंस स्टेशनों के माध्यम से GPS संकेतों को अधिक सटीक बनाती है, जिससे पायलट को क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों दिशाओं में बेहतर मार्गदर्शन मिलता है।
इस उपलब्धि से भारत की विमानन तकनीक में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। अब कम दृश्यता वाले मौसम में सुरक्षित लैंडिंग के लिए महंगे विदेशी ILS उपकरणों पर निर्भरता कम होगी, जिससे हवाई अड्डों की स्थापना और रखरखाव की लागत भी घटेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘गगन’ प्रणाली का सबसे अधिक लाभ क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत विकसित छोटे और दूरस्थ हवाई अड्डों को मिलेगा, जहां महंगे ग्राउंड-बेस्ड उपकरण स्थापित करना कठिन होता है। इससे खराब मौसम में भी सुरक्षित और नियमित उड़ान संचालन संभव हो सकेगा।
भारत चुनिंदा देशों में शामिल, जिनके पास SBAS तकनीक
इस सफल परिचालन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी SBAS तकनीक उपलब्ध है। अब Directorate General of Civil Aviation के मानकों के अनुरूप देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी GAGAN आधारित LPV एप्रोच प्रक्रियाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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