13 साल से अंधेरे में जिंदगी, अब भी पक्के घर का इंतजार
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नेत्रहीन दंपती आर्थिक तंगी से जूझ रहा, पीएम आवास योजना का लाभ मिलने की आस
राजसमंद, 4 जुलाई: सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के दावों के बीच राजसमंद जिले के झोर गांव का एक नेत्रहीन परिवार आज भी पक्के घर की आस लगाए बैठा है। पिछले 13 वर्षों से दृष्टिहीन 45 वर्षीय गंगाराम खारोल आर्थिक तंगी और शारीरिक असमर्थता के बीच परिवार का जीवनयापन कर रहे हैं। राशन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ तो मिल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।
गंगाराम पहले मार्बल फैक्ट्री में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन आंखों की रोशनी चली जाने के बाद उनकी आजीविका छिन गई। पत्नी अनिता भी दिव्यांग हैं, जिससे तीन बेटों राहुल, पुष्कर और गिरिराज का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। परिजनों ने उनकी आंखों के इलाज के लिए सूरत, मुंबई, अहमदाबाद, बीसलपुर और कांकरोली सहित कई अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन दृष्टि वापस नहीं लौट सकी।
परिवार ने प्रशासन से प्रधानमंत्री आवास योजना और अनिता के लिए दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाने की मांग की है। ग्राम विकास अधिकारी देवीलाल पोसवाल ने कहा कि पात्रता के अनुसार परिवार को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
