आचार्य पुलक सागर महाराज के नगर प्रवेश में उमड़ा आस्था का सैलाब
Share
श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, बोले- चित्तौड़गढ़ शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की अमर भूमि
चित्तौड़गढ़, 7 जुलाई: सकल दिगंबर जैन समाज एवं मुनि सेवा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को आचार्य श्री 108 पुलक सागर महाराज का भव्य नगर प्रवेश श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के बीच सम्पन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। नगर प्रवेश के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आचार्य श्री का स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अहिंसा सर्कल से शुरू हुई शोभायात्रा कलेक्ट्री रोड, एसबीआई चौराहा, सीकेएसबी, मांगलिक धाम सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। आयोजन में केवल चित्तौड़गढ़ ही नहीं, बल्कि भीलवाड़ा और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नगर प्रवेश के बाद ज्ञान गंगा महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जहां धर्मसभा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आचार्य पुलक सागर महाराज ने कहा कि चित्तौड़गढ़ केवल एक किला नहीं, बल्कि शौर्य, स्वाभिमान, त्याग और बलिदान की जीवंत पहचान है। उन्होंने कहा कि इस भूमि का इतिहास पूरे देश को प्रेरणा देता है और युवाओं को अपने संस्कार, संस्कृति और चरित्र को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानना चाहिए। आयोजन को लेकर पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना रहा।
