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आईआईएम उदयपुर में प्रबंधन शिक्षा की चुनौतियों और नए अवसरों पर मंथन

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आईआईएम उदयपुर में प्रबंधन शिक्षा की चुनौतियों और नए अवसरों पर मंथन

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भारतीय संदर्भ, उद्यमिता और तकनीक-सक्षम शिक्षा को भविष्य की जरूरत बताया
उदयपुर, 8 जुलाई:
भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) उदयपुर में मंगलवार को “भारत में प्रबंधन शिक्षा: चुनौतियाँ एवं नए अवसर” विषय पर विचारोत्तेजक पैनल चर्चा आयोजित की गई। यह चर्चा संस्थान के बीबीए कार्यक्रम के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन श्रृंखला का हिस्सा थी।
कार्यक्रम में पैसिफिक ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज के ग्रुप प्रेसिडेंट एवं पूर्व कुलपति प्रो. बी.पी. शर्मा तथा गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य एवं मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक प्रो. अनिल कोठारी ने पैनलिस्ट के रूप में अपने विचार रखे। चर्चा का संचालन आईआईएम उदयपुर के प्रो. सौरभ गुप्ता ने किया।
प्रो. सौरभ गुप्ता ने कहा कि ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते भारत में प्रबंधन शिक्षा की भूमिका केवल दक्ष प्रबंधक तैयार करने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उसे नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक उत्तरदायित्व से युक्त नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना होगा।
प्रो. बी.पी. शर्मा ने भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय केस स्टडीज, एमएसएमई सेक्टर और उद्यमिता को प्रबंधन शिक्षा के केंद्र में रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सस्ती और सुलभ इंटरनेट सेवाओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाने का अभूतपूर्व अवसर प्रदान किया है।
प्रो. अनिल कोठारी ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा को भारतीय आर्थिक और सामाजिक परिवेश से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने बहुभाषी शिक्षण मॉडल, स्थानीय उद्यमों की समझ और नैतिक नेतृत्व के विकास पर जोर दिया। चर्चा में प्रबंधन शिक्षा की पहुंच, रोजगार सृजन, डिजिटल शिक्षा और उद्यमिता जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

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