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संस्कृत में सीखेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

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संस्कृत में सीखेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

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राजस्थान विद्यापीठ में राष्ट्रीय कार्यशाला
\उदयपुर, 15 जुलाई:
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय) के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय का चयन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की प्रतिष्ठित ‘वाणी’ योजना के तहत ‘भारतार्थं कृत्रिम-मेधा (भारत के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करने के लिए किया गया है। सितंबर में होने वाली इस कार्यशाला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधुनिक तकनीकों को संस्कृत भाषा के माध्यम से सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया जाएगा।
कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने बताया कि अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के कारण अनेक विद्यार्थी और शोधार्थी एआई तकनीक का पूरा लाभ नहीं ले पाते। इसी अंतर को दूर करने और भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने बताया कि प्रतिभागियों को चैटजीपीटी, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई टूल्स और नैतिक एआई पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। एआईसीटीई के दिशा-निर्देशानुसार यह कार्यशाला चयनित प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क होगी। इसमें शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी रहेगी। इस अवसर पर निजी सचिव केके कुमावत, डॉ. ललित सालवी, डॉ. विकास डांगी उपस्थित थे।

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