राशन की दुकान से 28.49 टन गेहूं गायब, दुकानदार पर FIR
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रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर, कई नोटिस और लाइसेंस निरस्तीकरण के बाद हुई कानूनी कार्रवाई
चित्तौड़गढ़, 16 जुलाई: गंगरार तहसील के सारण सेंटर स्थित उचित मूल्य दुकान से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का 28.49 टन गेहूं गायब मिलने के मामले में आखिरकार प्रवर्तन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। जांच में सामने आया कि रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में 28,911 किलो गेहूं होना चाहिए था, जबकि मौके पर मात्र 425 किलो गेहूं मिला। करीब 28,486 किलो सरकारी गेहूं का हिसाब नहीं मिलने पर विभाग ने इसे गबन का मामला मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कराया है।
जांच के अनुसार दुकान संचालक नरेन्द्र कुमार मेनारिया ने अवकाश के लिए आवेदन तो दिया, लेकिन मेडिकल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया। आवेदन भी स्वयं के बजाय उसके भाई ने जमा कराया, जिससे मामला संदिग्ध लगा। अधिकारियों ने कई बार संपर्क कर भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया, लेकिन सहयोग नहीं मिलने पर जांच शुरू की गई। 22 नवंबर 2024 को उसे निलंबित कर दुकान का संचालन अस्थायी रूप से दूसरे डीलर को सौंप दिया गया।
3 दिसंबर 2024 को हुए भौतिक सत्यापन में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर सामने आया। इसके बाद विभाग ने फरवरी, जून और दिसंबर 2025 में तीन नोटिस जारी कर गेहूं की भरपाई और स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन न तो जवाब मिला और न ही स्टॉक की कमी पूरी की गई। प्राधिकरण निरस्त होने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रवर्तन निरीक्षक जितेन्द्र सैनी ने गंगरार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस के अनुसार मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि गायब हुआ गेहूं गरीब और पात्र परिवारों के लिए रखा गया सरकारी राशन था, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
