गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग पर जोर, सभी चिकित्सा संस्थानों में हुई सेक्टर बैठक
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की तैयारियों की समीक्षा, हाई रिस्क गर्भवतियों की विशेष निगरानी के निर्देश
उदयपुर, 17 जुलाई: जिले में चल रहे गर्भवती महिलाओं के सघन स्क्रीनिंग अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को सभी चिकित्सा संस्थानों पर सेक्टर बैठकों का आयोजन किया गया। बैठकों में गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, चार अनिवार्य प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की पहचान, उनकी नियमित मॉनिटरिंग तथा शनिवार को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि निदेशक, जन स्वास्थ्य, राजस्थान के निर्देशानुसार आयोजित इन बैठकों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जयपुर से आए राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी (एसएनओ) डॉ. मुकेश डिगरवाल ने सीएमएचओ कार्यालय में जिला अधिकारियों की बैठक लेने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाई का निरीक्षण किया तथा झाड़ोल ब्लॉक में आयोजित बैठक में अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता भी उनके साथ मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. ओ.पी. रायपुरिया ने मावली ब्लॉक के थामला, साकरोदा, पलाना, घासा, बेदला, कैलाशपुरी और धार सहित विभिन्न सेक्टर बैठकों में भाग लेकर हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा की। अधिकारियों ने आरसीएच रजिस्टर, एएनसी पंजीकरण और टीकाकरण की भी जांच की तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी हाई रिस्क गर्भवतियों की निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए ‘मा योजना’ के वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने आशा सहयोगिनियों और एएनएम को निर्देश दिए कि प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला को शनिवार के शिविर में लाना सुनिश्चित करें, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
