उदयपुर में बच्चों और अभिभावकों को केंद्र में रखकर होगी शहर की नई प्लानिंग
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नगर निगम, यूडीए, आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर भविष्य की कार्ययोजना बनाई
उदयपुर, 18 जुलाई : उदयपुर नगर निगम ने शुक्रवार को यूडीए, आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, टाउन प्लानिंग विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर कॉलेज और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के साथ बहु-क्षेत्रीय बैठक आयोजित कर शहर के विकास में छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर मंथन किया। यह बैठक अर्बन-95 (Urban95) और नर्चरिंग नेबरहुड्स 2.0 (NN 2.0) पहल के तहत पिछले पांच वर्षों में हुए कार्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर की सभी आंगनबाड़ियों में ‘खुली कक्षा’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सप्ताह बच्चों के लिए आउटडोर गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। वहीं, अभिभावकों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए ‘सुकून सर्किल’ कार्यक्रम को भी नियमित मंच के रूप में जारी रखा जाएगा। माता-पिता की भलाई को बढ़ावा देने के लिए ‘सुकून सर्कल’ को सीडीपीओ गरिमा उपाध्याय (आईसीडीएस) और अर्बन नोडल ऑफ़िसर डॉ. कैलाश शर्मा (स्वास्थ्य विभाग) ने एक नियमित मंच के तौर पर औपचारिक मंज़ूरी दी है।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा कि उदयपुर देश के शुरुआती शहरों में शामिल है, जिसने छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को केंद्र में रखकर शहरी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं भविष्य की पीढ़ियों के लिए निवेश हैं।
डब्ल्यूआरआई इंडिया की एसोसिएट डायरेक्टर प्रेरणा मेहता ने कहा कि उदयपुर में सुकून सर्किल, खुली कक्षा और आकाशवाणी, अंबामाता व एकलव्य पार्क जैसे प्रोजेक्ट शहर को बाल-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। वहीं, वान लियर फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश टांक ने कहा कि भारत में अर्बन-95 और नर्चरिंग नेबरहुड्स कार्यक्रम के माध्यम से शहरों को बच्चों और अभिभावकों के अनुकूल शहरी वातावरण विकसित करने में सहयोग दिया जा रहा है।
बैठक में सभी विभागों ने मिलकर उदयपुर को बच्चों और परिवारों के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और समावेशी शहर बनाने की दिशा में दीर्घकालिक सहयोग का संकल्प लिया।
