लोकसभा में गूंजी उदयपुर-सलूम्बर के लिए नए केंद्रीय विद्यालयों की मांग
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सांसद डॉ. मन्नालाल रावत बोले- बढ़ती आबादी और जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मिले लाभ
उदयपुर, 28 जुलाई: उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने लोकसभा में नियम 377 के तहत उदयपुर और सलूम्बर जिले में जिला एवं उपखंड मुख्यालयों पर नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए केंद्रीय विद्यालयों का विस्तार समय की मांग है।
सांसद डॉ. रावत ने सदन में बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र के उदयपुर जिले में वर्तमान में केवल दो केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। शहर की लगातार बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सलूम्बर जिले में एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालय संगठन की गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप इन विद्यार्थियों को अन्य क्षेत्रों के छात्रों के समान शैक्षिक अवसर भी उपलब्ध नहीं हो पाते।
डॉ. रावत ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उदयपुर एवं सलूम्बर जिले के जिला तथा उपखंड मुख्यालयों पर नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दी जाए। उनका कहना था कि इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी और विशेषकर जनजातीय तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को समान अवसर मिल सकेंगे।
प्रमुख मांगें
उदयपुर जिले में नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएं।
सलूम्बर जिले में पहला केंद्रीय विद्यालय स्थापित किया जाए।
जिला एवं उपखंड मुख्यालयों को प्राथमिकता दी जाए।
जनजातीय और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिले।
