10 हजार की रिश्वत लेने वाले तत्कालीन पटवारी को 3-3 साल की सजा
Share
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के दो मामलों में दोषी करार, 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया
उदयपुर, 31 जुलाई: विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) संख्या-2, उदयपुर ने मावली तहसील के विजनवास पटवार हल्का के तत्कालीन पटवारी सुशील कुमार मारू को रिश्वत मांगने और लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) के तहत अलग-अलग सजा सुनाते हुए प्रत्येक धारा में 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
विशिष्ट सेशन प्रकरण संख्या 288/2019 में न्यायालय ने समस्त मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के विस्तृत परीक्षण के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप सिद्ध करने में सफल रहा। इसके आधार पर तत्कालीन पटवारी सुशील कुमार मारू को दोनों धाराओं में दोषसिद्ध घोषित किया गया।
न्यायालय ने धारा 7 के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 13(1)(डी)/13(2) के तहत भी तीन वर्ष का साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं कराने की स्थिति में प्रत्येक मामले में एक-एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

