हर बच्चे को समझना और स्वीकार करना ही समावेशी शिक्षा
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विद्या भवन में ऑटिज्म जागरूकता एवं शिक्षक क्षमता-वर्धन सत्र; शुरुआती संकेत पहचानने का प्रशिक्षण
उदयपुर, 8 अगस्त: विद्या भवन वेलनेस विभाग की ओर से पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों के लिए ऑटिज्म जागरूकता एवं क्षमता-वर्धन सत्र आयोजित किया गया। इसमें विद्या भवन पब्लिक स्कूल, विद्या भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवाली और रामगिरी के शिक्षकों ने भाग लिया। सत्र का संचालन वेलनेस टीम की समन्वयक डॉ. निष्ठा जैन और मिस शॉनटेल रश ने किया।
कार्यशाला में शिक्षकों को ऑटिज्म के शुरुआती संकेतों को संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और संवेदी व्यवहार के संदर्भ में समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि शुरुआती पहचान का उद्देश्य बच्चे को किसी लेबल में सीमित करना नहीं, बल्कि उसकी जरूरतों को समय पर समझकर उचित सहयोग देना है।
शिक्षकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में ऑटिस्टिक बच्चों के साथ संवेदनशीलता से काम करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियां बताई गईं। मौखिक संकेत, दृश्य सहायक सामग्री, संरचित गतिविधियों और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने को आसान बनाने के तरीके प्रदर्शित किए गए।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की शैली और संवेदी जरूरतें अलग होती हैं। ऐसे में शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चे को समझने और उसकी क्षमताओं को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण है। सत्र में समावेशी और संवेदनशील विद्यालयी वातावरण बनाने पर जोर दिया गया।

