मिलावट पर वार: छह फर्मों के खिलाफ कोर्ट में चालान
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अमानक मिले अचार, आइसक्रीम, पनीर, नमकीन, मक्खन बड़ा, घी-मावा के नमूने; चस्का रेस्टोरेंट को सुधार नोटिस
उदयपुर, 6 अक्टूबर: जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। विभाग ने खाद्य पदार्थों के नमूने अमानक पाए जाने पर छह फर्मों के खिलाफ चालान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन), उदयपुर के न्यायालय में पेश किए हैं।
सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि नोडल खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। जांच में मैसर्स रीगल एंटरप्राइजेज, न्यू स्वामी नगर, पानेरियों की मादड़ी से लिया गया आम का अचार, मैसर्स खजूरिया श्याम इंटरप्राइजेज, डबोक से लिया गया आइसक्रीम का नमूना, मैसर्स श्री गणपति डेयरी, झीणी रेत चौक से लिया गया पनीर, मैसर्स इंदौरी नमकीन, सविना से लिया गया मगरी, मैसर्स महावीर मिष्ठान एवं नमकीन भंडार, फतेहपुरा से लिया गया मक्खन बड़ा तथा घासा निवासी दिनेश डांगी से लिए गए घी एवं मावा के नमूने सबस्टैंडर्ड पाए गए। इनके खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किए गए हैं। अब न्यायालय द्वारा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 में मिसब्रांड पाए जाने पर 3 लाख रुपए तक, अमानक पाए जाने पर 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तथा 1 लाख से 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।
रेस्टोरेंट में मिली अनियमितताएं: विभाग को मिली शिकायत के आधार पर सेक्टर-11 स्थित मैसर्स चस्का रेस्टोरेंट से तेल का नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण-पत्र, खाद्य पदार्थ बनाने में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट तथा पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। इस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किए जाएंगे।
मोबाइल फूड लैब से विद्यार्थियों को समझाई मिलावट: ‘सही खानपान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान के तहत पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय-2, सेक्टर-14 में ‘ईट राइट’ जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों अशोक कुमार गुप्ता, भूमिका राणावत, नरेंद्र सिंह चौहान एवं रणजीत सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, जंक फूड के दुष्परिणाम, मिलेट्स को खानपान में शामिल करने तथा पैक्ड खाद्य पदार्थों के लेबल को सही तरीके से पढ़ने की जानकारी दी। ‘मिलावट पहचानो, वैज्ञानिक बनो’ अभियान के तहत मोबाइल फूड लैब से दूध, दही, पनीर, घी एवं मसालों में स्टार्च, यूरिया, डिटर्जेंट और रंग की मिलावट की जांच विद्यार्थियों को प्रायोगिक रूप से समझाई गई।

