LOADING

Type to search

शिक्षा, संस्कार और सेवा से बनेगा आदर्श शिक्षक

education

शिक्षा, संस्कार और सेवा से बनेगा आदर्श शिक्षक

Share


उदयपुर, 9 अक्टूबर:
आदिनाथ महिला बी.एड. महाविद्यालय, सेक्टर-11 में भारतीय ज्ञान परंपरा व्याख्यान एवं ध्यान सत्र हुआ। सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश पालीवाल ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, अनुशासन, संवेदनशीलता और कर्तव्यबोध का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक है। उन्होंने शिक्षा में संस्कार, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना को शामिल करने पर जोर दिया। ध्यान एवं योग विशेषज्ञ दिव्या सिंघल ने ध्यान से एकाग्रता, मानसिक शांति और आत्मचिंतन के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि समिति संरक्षक गोपाल कनेरिया ने आधुनिक शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम प्राचार्य जोगेन्द्र चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ। संयोजक डॉ. पीहू जैन रहीं।

Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *