पंचायत चुनाव में अनूठी मिसाल: उदयपुर-डूंगरपुर में सरपंच सहित पूरी पंचायत निर्विरोध
Share
उदयपुर की चोखला बारा और डूंगरपुर की रामसौर जुना पंचायत में सर्वसम्मति से चुने प्रतिनिधि, 24 अक्टूबर को अन्य पंचायतों में होगा मतदान
उदयपुर, 23 अक्टूबर: राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों के बीच जहां अनारक्षित सीटों पर दावेदारों की भीड़ और चुनावी मुकाबले का माहौल है, वहीं उदयपुर और डूंगरपुर जिले की दो ग्राम पंचायतों ने सर्वसम्मति से निर्वाचन की मिसाल पेश की है। उदयपुर की चोखला बारा और डूंगरपुर की रामसौर जुना में सरपंच सहित सभी वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। इससे इन पंचायतों में मतदान की जरूरत नहीं रहेगी, जबकि जिले की अन्य पंचायतों में शनिवार को मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।
चोखला बारा में सरपंच सहित सातों वार्ड पंच निर्विरोध
उदयपुर जिले की नवगठित पंचायत समिति ओगणा की ग्राम पंचायत चोखला बारा में ग्रामीणों ने आपसी सहमति से सरपंच और सात वार्ड पंचों का निर्विरोध निर्वाचन कराया। निर्वाचन अधिकारी एवं तहसीलदार सीताराम खटीक के अनुसार, सरपंच पद पर विरम चंद डूंगरी सहित सभी सात वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। शुक्रवार को सभी ने नामांकन दाखिल किए।
अनारक्षित सीटों पर दावेदारों की भीड़
उदयपुर जिले में प्रथम चरण के तहत 10 पंचायत समितियों की 284 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 2466 वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव निर्धारित हैं। अनारक्षित सीटों पर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल के अनुसार, मतदान 24 अक्टूबर को होगा। फलासिया में सर्वाधिक 35 सरपंच पद हैं, जबकि भींडर में 308 वार्ड पंच पदों पर चुनाव होना है।
डूंगरपुर की रामसौर जुना में भी पूरी पंचायत निर्विरोध
डूंगरपुर जिले की भंडारी पंचायत समिति की रामसौर जुना ग्राम पंचायत में भी ग्रामीणों ने चुनावी मुकाबले के बजाय सहमति को प्राथमिकता दी। यहां एमए शिक्षित 39 वर्षीय जयंतीलाल डामोर निर्विरोध सरपंच चुने गए। उनकी पत्नी रमिला डामोर पिछले पांच साल से सरपंच थीं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और चुनावी प्रतिस्पर्धा से बचने के उद्देश्य से सर्वसम्मति बनाई।
सातों वार्डों में भी एक-एक उम्मीदवार
रामसौर जुना, रामसौर बड़ा, सज्जनपुरा और अमरपुरा गांवों को शामिल करने वाली इस पंचायत में करीब 2191 मतदाता हैं। सातों वार्डों में एक-एक उम्मीदवार होने से सभी वार्ड पंच भी निर्विरोध निर्वाचित हुए। इनमें रमण वेसात, राकेश मणिलाल, कमलेश हीरा, मंजुला चंदूलाल, सुशीला प्रकाश, भगवती कनका और रमिला राकेश शामिल हैं। 24 अक्टूबर को अन्य पंचायतों में मतदान के बीच रामसौर जुना में निर्विरोध निर्वाचन ग्रामीण एकता की मिसाल बनेगा।

