दरियाटी स्कूल में ‘वोकेशनल एजुकेशन’ के नाम पर बड़ा खेल
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जो कभी स्कूल नहीं पहुंचे, उनके नाम पर उठा लिया गेस्ट फैकल्टी का भुगतान; RTI में खुलासा
जुगल कलाल
डूंगरपुर, 16 मई : जिले के चिखली ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दरियाटी में व्यवसायिक शिक्षा योजना के नाम पर सरकारी बजट के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) से हुए खुलासे में पता चला है कि स्कूल में गेस्ट फैकल्टी के नाम पर ऐसे लोगों के दस्तावेज लगाए गए, जो कभी स्कूल पहुंचे ही नहीं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

ग्रामीण रमेशचंद तबियाड द्वारा मांगी गई जानकारी में सामने आया कि पिछले तीन वर्षों से गांव के उमेश दर्जी, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटी तनिशा के नाम पर सिलाई प्रशिक्षण देने का भुगतान उठाया गया। जबकि उमेश दर्जी ने साफ कहा कि उनकी पत्नी कभी स्कूल नहीं गई। उन्होंने बताया कि वोकेशनल टीचर अंजली पाटीदार बच्चों को कभी-कभी दुकान पर लाकर फोटो खींचती थी और उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उन तस्वीरों के आधार पर भुगतान उठाया जा रहा है।

कागजों में चलती रही ट्रेनिंग
दस्तावेजों में महेश दर्जी और नरेश कटारा जैसे नाम भी शामिल हैं, जिनके गांव में रहने तक की पुष्टि नहीं हो पाई। ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग के नाम पर भी कई महिलाओं के नाम पर भुगतान दिखाया गया, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कभी स्कूल में नहीं देखा गया।
धूल फांक रही मशीनें
जब पंजाब केसरी टीम स्कूल पहुंची तो पहले स्टाफ ने दस्तावेज दिखाने से बचने की कोशिश की। बाद में बंद कमरा खुलवाया गया, जहां सिलाई और ब्यूटी पार्लर की मशीनें धूल से ढकी मिलीं। छात्राएं भी किसी प्रकार की ट्रेनिंग की जानकारी नहीं दे सकीं।
जांच के आदेश
प्रधानाचार्य रामलाल यादव ने सभी कार्य नियमों के तहत होने का दावा किया है। वहीं CBEO महेंद्र लोहार ने कहा कि मामला गंभीर है। जांच करवाई जाएगी और यदि फर्जी भुगतान सामने आया तो रिकवरी के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
