LOADING

Type to search

जर्जर सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय नीति बने: सांसद डॉ. मन्नालाल रावत

political

जर्जर सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय नीति बने: सांसद डॉ. मन्नालाल रावत

Share

लोकसभा में उठाया मुद्दा, कहा- समय पर ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण से टलेंगी दुर्घटनाएं
उदयपुर, 23 जुलाई:
उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने लोकसभा में देशभर के जर्जर सरकारी भवनों का मुद्दा उठाते हुए इनके उपयोग, ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण के लिए एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जर्जर भवनों की पहचान, सुरक्षा मूल्यांकन और ध्वस्तीकरण को लेकर कोई एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) नहीं है, जिससे कार्रवाई में देरी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
नियम 377 के तहत मामला उठाते हुए सांसद रावत ने कहा कि देशभर में विद्यालय, चिकित्सालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी आवास और विभागीय कार्यालयों सहित अनेक भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। विशेषकर मानसून के दौरान इनके ढहने से जन-धन की हानि होती है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में ऐसे परित्यक्त भवन असामाजिक तत्वों, जंगली जानवरों और विषैले जीव-जंतुओं का ठिकाना बन जाते हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा प्रभावित होती है।
उन्होंने केंद्र सरकार से सभी जर्जर सरकारी भवनों के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, समयबद्ध ध्वस्तीकरण, पुनर्निर्माण और पर्याप्त वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित करते हुए उत्तरदायित्व आधारित राष्ट्रीय एसओपी लागू करने का आग्रह किया, ताकि जनसुरक्षा के साथ सरकारी परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *