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उदयपुर के बायोलॉजिकल पार्क में दिखेगा जिराफ का जोड़ा

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उदयपुर के बायोलॉजिकल पार्क में दिखेगा जिराफ का जोड़ा

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सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 2.70 करोड़ से बन रहा विशेष एनक्लोजर
मानसून से पहले पूरा होगा निर्माण, मैसूर से जिराफ लाने की तैयारी; वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को मिलेगा नया आकर्षण
उदयपुर, 17 अप्रैल:
उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में जल्द ही पर्यटकों को जिराफ का जोड़ा देखने को मिलेगा। वन विभाग ने ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत नर और मादा जिराफ उदयपुर लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्क परिसर में करीब 2.70 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक जिराफ एनक्लोजर का काम शुरू किया गया है, ताकि मानसून के बाद जिराफ का जोड़ा यहां लाया जा सके। यह परियोजना उदयपुर के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को नई पहचान देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लगभग 3 बीघा यानी करीब 6,200 वर्गमीटर क्षेत्र में जिराफ के लिए विशेष एनक्लोजर तैयार किया जाएगा। इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसी सप्ताह भूमि समतलीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में 1.70 करोड़ रुपए की लागत से जिराफ एनक्लोजर और शेल्टर हाउस बनाया जाएगा, जबकि पूरे प्रोजेक्ट पर 2.70 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उदयपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है।
एनक्लोजर में जिराफ के लिए 61 हजार वर्गफुट का डिस्प्ले एरिया और रात के विश्राम के लिए 15 हजार वर्गफुट का होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। इसके अलावा पर्यटकों के लिए 9 फीट चौड़ा और 450 मीटर लंबा पाथवे भी विकसित किया जाएगा, ताकि वे सुरक्षित दूरी से जिराफ को देख सकें। जिराफ की ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए उनके भोजन के लिए विशेष ऊंचे स्टैंड भी बनाए जाएंगे।
वन विभाग के अनुसार जिराफ का यह जोड़ा ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत लाया जाएगा। वर्तमान में जिराफ मैसूर, पटना और कोलकाता के प्राणि उद्यानों में उपलब्ध हैं, जिनमें मैसूर से जिराफ लाए जाने की संभावना सबसे अधिक है। एनक्लोजर निर्माण पूरा होते ही वन्यजीवों की अदला-बदली की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
इस मामले में सेवानिवृत्त वन्य अधिकारी योगेश शर्मा का कहना है कि लायन सफारी और रेप्टाइल हाउस के बाद जिराफ का जोड़ा सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की सबसे बड़ी नई सौगात साबित होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि उदयपुर देश के प्रमुख वाइल्ड लाइफ पर्यटन स्थलों में और मजबूती से अपनी पहचान बना सकेगा।

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