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भारतीय लोक कला मंडल में आज होगा डॉ. विश्वास मेहता की पुस्तक सैंड टू शोर’ का पठन एवं संवाद सत्र

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भारतीय लोक कला मंडल में आज होगा डॉ. विश्वास मेहता की पुस्तक सैंड टू शोर’ का पठन एवं संवाद सत्र

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राजस्थान से केरलम तक 40 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा, संघर्ष और जनसेवा के अनुभवों की प्रेरक गाथा है पुस्तक
उदयपुर, 26 अक्टूबर:
भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर द्वारा केरलम के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. विश्वास मेहता, IAS की पुस्तक सैंड टू शोर’ पर पठन एवं संवाद सत्र का आयोजन आज 27 अक्टूबर 2026 को सायं 6 बजे संस्थान के ग्रामीण संचार हॉल में किया जाएगा। इस सत्र में डॉ. मेहता की चार दशक लंबी प्रशासनिक यात्रा, जीवन के संघर्षों, उपलब्धियों और जनसेवा के अनुभवों पर चर्चा होगी।
भारतीय लोक कला मंडल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि मूलतः राजस्थान के डूंगरपुर निवासी डॉ. विश्वास मेहता की यह पुस्तक व्यक्तिगत संघर्ष, दृढ़ संकल्प और प्रशासनिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता की प्रेरक कहानी प्रस्तुत करती है। पुस्तक में राजस्थान से केरलम तक की उनकी यात्रा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभवों तथा जनहित में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है।
पुस्तक में डॉ. मेहता ने अपनी दादी और पिता के संघर्षों तथा उनसे प्राप्त प्रेरणा को विशेष रूप से रेखांकित किया है। पिता की प्रेरणा से उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। पहले प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित होने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखा और पुनः परीक्षा देकर अखिल भारतीय स्तर पर नौवाँ स्थान प्राप्त किया।
डॉ. मेहता की प्रशासनिक यात्रा केवल पदों और उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। केरलम में विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने लोगों तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाने तथा जनहित से जुड़े विषयों पर कार्य किया और अपनी कार्यशैली से जन विश्वास अर्जित किया।
डॉ. विश्वास मेहता ने उदयपुर स्थित पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य करते हुए वे केरलम के 46वें मुख्य सचिव तथा राज्य के चौथे मुख्य सूचना आयुक्त के पद तक पहुँचे।
भारतीय लोक कला मंडल द्वारा आयोजित यह पठन एवं संवाद सत्र साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों, युवाओं और प्रशासनिक सेवाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर पुस्तक के प्रमुख प्रसंगों के साथ डॉ. मेहता के जीवन अनुभवों, प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनसेवा से जुड़े पहलुओं पर संवाद किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी को लक्ष्य के प्रति दृढ़ता, निरंतर प्रयास और जनहित के प्रति समर्पण की प्रेरणा प्रदान करेगा।

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