हलवाई समाज के सम्मान और अधिकारों की बुलंद हुई आवाज, 300 साथियों का भव्य सम्मान
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हलवाई नगर की स्थापना के लिए सरकार से मांगी 300 बीघा भूमि,
भोजन की गुणवत्ता के लिए सभी एजेंसियां जिम्मेदार, केवल हलवाई को दोषी ठहराने की परंपरा बदलनी होगीः हरीश भट्ट
उदयपुर, 16 सितम्बर। हलवाई व्यापार कल्याण संस्था की ओर से शोभागपुरा स्थित अशोका ग्रीन में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में हलवाई व्यापार से जुड़े शहर, आसपास के क्षेत्रों एवं विभिन्न जिलों के 300 हलवाई साथियों का सम्मान कर उनके योगदान को रेखांकित किया गया। इस दौरान हलवाई समाज की एकजुटता, व्यापारिक समस्याओं और हलवाई नगर की स्थापना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
समाज में हलवाई व्यापारियों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता : फूलसिंह मीणा
समारोह के मुख्य अतिथि ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि हलवाई व्यापारियों द्वारा समाज को दिए जा रहे योगदान को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हलवाई समाज विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी भी संस्था की एकजुटता उसकी सफलता का परिचायक होती है। उन्होंने हलवाई व्यापारियों की एकजुटता की सराहना करते हुए उनके हितों से जुड़े विषयों को महत्वपूर्ण बताया।
समारोह में पूर्व जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, हकीमुद्दीन, पूर्णिमा मनोहर, धीरज गुप्ता, मुकेश माधवानी, अनिल जोशी, अनिल वेद, कमल शर्मा, देवीलाल अहीर एवं विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
भोजन की सफलता और खराबी के लिए सभी एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण
संस्था अध्यक्ष हरीश भट्ट ने कहा कि हलवाई व्यापारियों का कार्य केवल खाना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज के प्रत्येक बड़े आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी भोजन की सफलता का पूरा श्रेय या उसकी खराबी की पूरी जिम्मेदारी केवल हलवाई के सिर डाल देना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में अनेक एजेंसियों एवं लोगों की भूमिका होती है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण, परिवहन, खाना बनाने की प्रक्रिया और परोसने तक कई स्तरों पर सावधानी आवश्यक होती है। ऐसे में भोजन खराब होने पर केवल हलवाई को जिम्मेदार ठहराने की परंपरा को बदलना होगा। सभी संबंधित पक्षों की भूमिका और जिम्मेदारी को समझना आवश्यक है।
हरीश भट्ट ने कहा कि हलवाई व्यापारियों को सम्मान, सुविधाएं और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में संस्था निरंतर प्रयासरत है। हलवाई समाज की समस्याओं के समाधान और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
हलवाई नगर के लिए सरकार से मांगी 300 बीघा भूमि
संस्था अध्यक्ष हरीश भट्ट ने बताया कि हलवाई व्यापार कल्याण संस्था ने उदयपुर शहर या आसपास के क्षेत्र में हलवाई नगर की स्थापना के लिए सरकार से 300 बीघा भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हलवाई नगर स्थापित होने से हलवाई व्यापार से जुड़े लोगों को एक व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा, जहां व्यापारिक गतिविधियों के साथ आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा सकेंगी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हलवाई नगर में हलवाई व्यापारियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे व्यापारियों को अपने कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करने, सुविधाओं का विकास करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। संस्था की ओर से इस मांग को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा गया है।
300 हलवाई साथियों का सम्मान, समाज में उत्साह
संस्था के महासचिव मुकेश माधवानी ने बताया कि सम्मान समारोह में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों तथा विभिन्न जिलों से आए हलवाई कार्य से जुड़े 300 साथियों का सम्मान किया गया। सभी सम्मानित साथियों को उपरना ओढ़ाकर, पगड़ी पहनाकर एवं स्मृतिचिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान हलवाई व्यापारियों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। संस्था की ओर से व्यापार से जुड़े साथियों के योगदान को सम्मान देने तथा समाज में आपसी सहयोग और एकजुटता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि हलवाई समाज लंबे समय से सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों का अभिन्न हिस्सा रहा है। विवाह समारोहों, धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों में हलवाई व्यापारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में उनके व्यापारिक हितों, सुविधाओं और सम्मान से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नितिन दशोरा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में हलवाई व्यापारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।

