रिश्वत के आरोपी कॉन्स्टेबल को पकड़ने 5 किमी पैदल चली एसीबी टीम
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घने जंगल में 4 घंटे बिना पानी डटे रहे अधिकारी, ट्रैप में रंगेहाथ पकड़ा गया आरोपी
उदयपुर, 23 मार्च: उदयपुर जिले में रिश्वतखोरी के एक मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम को आरोपी कॉन्स्टेबल को पकड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। टीम को घने जंगल और पहाड़ी इलाके में करीब 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, जबकि 4 घंटे तक बिना पानी के इंतजार करना पड़ा। सुनियोजित ट्रैप के बाद एसीबी ने कॉन्स्टेबल भालाराम पटेल को 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाद में मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री को भी दबोच लिया गया।
घने जंगल में बनाया ट्रैप, तीन टीमों में बंटे अधिकारी
एसीबी इंस्पेक्टर सोनू शेखावत के अनुसार, पीड़ित परिवार की शिकायत पर साडीफलां गांव में ट्रैप प्लान किया गया। यह गांव घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित है। टीम ने अपनी गाड़ी पहाड़ी के पीछे छिपाई और 5 किमी पैदल चलकर मौके तक पहुंची। इसके बाद टीम को तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। कुछ सदस्य पहाड़ियों में छिपे रहे, जबकि कुछ पीड़ित के घर में मौजूद थे। गर्मी के बीच 4 घंटे तक टीम को पानी तक नसीब नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा।
नशे के केस में फंसाने की धमकी देकर मांगी रिश्वत
मामले के अनुसार 20 मार्च को मांडवा थाना पुलिस ने साडीफलां और नदीफला गांव में दबिश देकर डोडा-चूरा बरामद किया था। आरोप है कि फरार आरोपियों के परिजनों को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी देकर थानाधिकारी निर्मल खत्री और कॉन्स्टेबल भालाराम ने 5-5 लाख रुपए की मांग की। बाद में सौदा 8 लाख रुपए में तय हुआ।
रंगेहाथ गिरफ्तारी के बाद एसएचओ तक पहुंची कड़ी
22 मार्च को कॉन्स्टेबल भालाराम पटेल रिश्वत लेने अकेला पीड़ित के घर पहुंचा। जैसे ही उसने पैसे लिए, एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि रकम एसएचओ के लिए ली जा रही है। इसके बाद टीम ने कॉन्स्टेबल से ही एसएचओ को फोन करवाया, जिसमें उसने पैसे लेने की बात कही। बातचीत रिकॉर्ड होने के बाद एसीबी ने मांडवा थाने पहुंचकर एसएचओ निर्मल खत्री को भी गिरफ्तार कर लिया।
मुर्गे और बकरी तक ले गए पुलिसकर्मी, एसपी ने दिए जांच के आदेश
आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाते हुए नकदी के साथ एक बकरा और मुर्गे तक उठा लिए। बताया गया कि करीब 7500 रुपए के साथ ये सामान भी जबरन ले जाया गया। इस हरकत से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और बाद में पीड़ित परिवार ने एसीबी से शिकायत कर कार्रवाई करवाई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।
