880 वरिष्ठ तीर्थयात्रियों ने किए भगवान जगन्नाथ के दर्शन

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ध्वज परिवर्तन के बने साक्षी, कोणार्क सूर्य मंदिर और लिंगराज मंदिर भी देखा; 8 अक्टूबर रात उदयपुर पहुंचेंगे
उदयपुर, 7 अक्टूबर:
देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के तहत जगन्नाथपुरी-कोणार्क यात्रा पर गए 880 वरिष्ठ तीर्थयात्रियों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में पहुंचकर ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारे लगाए और मंदिर में होने वाले ध्वज परिवर्तन के भी साक्षी बने। दर्शन के बाद यात्रियों ने पुरी के धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया तथा खरीदारी भी की। उन्होंने पुरी बीच, लोकनाथ मंदिर, चंदन तालाब और बेड़ी वाले हनुमानजी मंदिर के दर्शन किए।
यात्रियों ने चंद्रभागा बीच का भी भ्रमण किया। इसके बाद कोणार्क स्थित करीब 700 वर्ष पुराने सूर्य मंदिर की भव्य स्थापत्य कला और पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी को देखा। रथ के आकार की वास्तुकला ने वरिष्ठ तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
यात्रा के दौरान भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। मंदिर की कलिंग शैली की स्थापत्य कला और नक्काशी ने यात्रियों को प्रभावित किया।
जगन्नाथपुरी-कोणार्क यात्रा के लिए विशेष ट्रेन 3 अक्टूबर को उदयपुर के राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। इसमें उदयपुर संभाग के 780 वरिष्ठ तीर्थयात्री सवार हुए थे, जबकि कोटा से 100 यात्री शामिल हुए। लिंगराज मंदिर के दर्शन के बाद सभी 880 यात्री मालतीपाटपुर रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन से उदयपुर के लिए रवाना हो गए। यात्रियों के 8 अक्टूबर की रात तक उदयपुर पहुंचने की संभावना है।