चिकित्सा: आरएनटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में जटिल सर्जरी, टीमवर्क से बची जान
उदयपुर, 27 अप्रैल: यह किसी चमत्कार से कम नहीं। भीलवाड़ा के 32 वर्षीय युवक के सीने को आर-पार करते हुए 9 इंच लंबा लोहे का पाइप जब अस्पताल पहुंचा, तब उसकी हालत नाजुक ही नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच झूल रही थी। लेकिन आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने असंभव को संभव कर दिखाया और जटिल सर्जरी के जरिए युवक को नई जिंदगी दे दी।
भयावह हादसा, पलभर में बदली जिंदगी
24 अप्रैल को युवक बाइक से ट्रक के पीछे चल रहा था। अचानक ब्रेक लगते ही ट्रक में रखा लोहे का पाइप खिसककर सीधे उसके सीने में घुस गया। पाइप की लंबाई इतनी थी कि मौके पर ही उसे कटर से काटना पड़ा। भारी रक्तस्राव के बीच युवक को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया।
सीटी स्कैन में खुली खौफनाक सच्चाई
जांच में सामने आया कि पाइप पसलियां तोड़ते हुए फेफड़े को चीरकर गर्दन तक पहुंच गया था। सबक्लेवियन धमनी और शिरा क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं, जिससे फेफड़ों में खून भर गया था। स्थिति अत्यंत गंभीर थी और हर सेकंड कीमती था।
डॉक्टरों की जंग, ऑपरेशन थिएटर में ‘मिशन लाइफ’
कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी के नेतृत्व में टीम ने तुरंत ऑपरेशन शुरू किया। एल-आकार के पाइप को सावधानी से निकाला गया, क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं की मरम्मत की गई और फेफड़े व पसलियों का उपचार किया गया। एनेस्थीसिया टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। सफल सर्जरी के बाद युवक की हालत अब स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने इसे टीमवर्क की बड़ी सफलता बताया। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि ऐसे हादसों में शरीर में घुसी वस्तु को खुद निकालने की भूल कभी न करें।