रवींद्रनाथ टैगोर की 85वीं पुण्यतिथि पर बनाई 16 पृष्ठों की सूक्ष्म पुस्तिका

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डॉ. चंद्र प्रकाश चित्तौड़ा ने सूक्ष्म कलाकृति के माध्यम से दी श्रद्धांजलि, साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को किया संजोया
उदयपुर, 6 अगस्त:
उदयपुर के प्रख्यात सूक्ष्म कलाकृति एवं सूक्ष्म पुस्तिकाओं के निर्माता डॉ. चंद्र प्रकाश चित्तौड़ा ने भारतीय संस्कृति के विश्वदूत एवं नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 85वीं पुण्यतिथि पर 16 पृष्ठों की एक विशेष सूक्ष्म पुस्तिका तैयार कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
डॉ. चित्तौड़ा द्वारा तैयार इस लघु पुस्तिका में गुरुदेव टैगोर के जीवन, शिक्षा, व्यक्तित्व और भारतीय साहित्य, संस्कृति तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को संक्षिप्त एवं आकर्षक रूप में संकलित किया गया है। पुस्तिका में टैगोर के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महान कवि, साहित्यकार, संगीतकार, नाटककार, चित्रकार, समाज सुधारक और मानवतावादी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इसके साथ ही उनकी प्रमुख साहित्यिक कृतियों, शैक्षणिक दृष्टिकोण तथा विश्वभारती विश्वविद्यालय की स्थापना सहित भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में निभाई गई उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। डॉ. चित्तौड़ा ने कहा कि सूक्ष्म पुस्तिका के माध्यम से नई पीढ़ी को गुरुदेव टैगोर के आदर्शों और विचारों से जोड़ने का यह एक विनम्र प्रयास है।