विकसित भारत जन सेवा अभियान
राजस्व से लेकर कृषि, सामाजिक सुरक्षा से पशु बीमा तक का मिल रहा लाभ
उदयपुर, 28 सितम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में संचालित विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत गिरदावर सर्कल स्तर पर विशेष जन सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को विभिन्न विभागों से जुड़ी सेवाएं और योजनाओं का लाभ उनके नजदीक ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
उदयपुर में जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद प्रीतम कुमार के निर्देशन में आयोजित हो रहे इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है। शिविरों में राजस्व, कृषि, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहकर आमजन के प्रकरणों का निस्तारण कर रहे हैं। विशेष रूप से राजस्व संबंधी मामलों में नामांतरण, खाता दुरुस्ती, भूमि संबंधी रिकॉर्ड में सुधार सहित अन्य कार्यों के लिए ग्रामीणों को अब संबंधित कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जो लंबे समय से लंबित थे और शिविर में अधिकारियों की तत्परता एवं विभागीय समन्वय से उनका मौके पर ही समाधान हुआ।
अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना तथा उसकी समस्या का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। शिविरों में पहुंच रहे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से समय और श्रम की बचत हो रही है तथा सरकारी योजनाओं से उनका जुड़ाव भी आसान हो रहा है।
सफलता की कहानियां
भंवरलाल को मिला पुस्तैनी मकान का पट्टा
ग्राम पंचायत लुणदा में विशेष शिविर में ग्राम आम्बा का कुआ निवासी भंवरलाल पुत्र गौकल को उनके पुस्तैनी मकान का पट्टा हाथों-हाथ प्रदान किया गया। भंवरलाल ने अपने पुस्तैनी मकान का पट्टा प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन किया था। पंचायत स्तर पर चल रही प्रक्रिया को गिरदावर सर्किल मुख्यालय लुणदा पर आयोजित शिविर में अंतिम रूप दिया गया और उन्हें मकान का पट्टा सौंपा गया। पट्टा मिलने पर भंवरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अभियान से प्रार्थियों के काम आसान हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पट्टा मिलने से अब उन्हें बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी, जिससे घर का पक्का निर्माण एवं अन्य जरूरी कार्य किए जा सकेंगे। शिविर में कानोड़ तहसीलदार बगदाराम राणा, सहायक विकास अधिकारी श्री शम्भुलाल मीणा, ग्राम पंचायत लुणदा की प्रशासक श्रीमती गोदावरी देवी धाकड़ सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
12 साल से लंबित विरासत नामांतरण का शिविर में हुआ समाधान
ग्राम पंचायत छाणी में आयोजित शिविर में राजस्व ग्राम कातर निवासी प्रतापसिंह पुत्र कूरसिंह की करीब 12 वर्षों से लंबित समस्या का समाधान हुआ। प्रतापसिंह के पिता के निधन के बाद तकनीकी कारणों से भूमि का विरासत नामांतरण दर्ज नहीं हो पा रहा था। जांच में सामने आया कि एक ही खाते में पिता का नाम दो बार दर्ज होने के कारण नामांतरण अटका हुआ था। मामले पर तहसीलदार डूंगरलाल प्रजापत ने पटवारी थाना एवं भू-अभिलेख निरीक्षक छाणी को जांच के निर्देश दिए। पुराने रिकॉर्ड का अवलोकन कर शुद्धि पत्र तैयार किया गया, जिसे तहसीलदार ने मौके पर ही स्वीकृत कर दिया। कार्रवाई से 12 वर्षों से लंबित समस्या का समाधान हुआ और विरासत नामांतरण दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। समस्या के समाधान पर प्रतापसिंह ने प्रशासन एवं अभियान के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए आभार जताया।
कृषक को शिविर में मिला फार्मर रजिस्ट्री कार्ड
ग्राम पंचायत बावलवाड़ा में आयोजित विकसित भारत जन सेवा अभियान के शिविर में किसान शंकर पुत्र श्री मंगला की फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी समस्या का मौके पर समाधान किया गया। शंकर लंबे समय से अपनी कृषि भूमि की फार्मर रजिस्ट्री करवाने के लिए प्रयासरत थे। रजिस्ट्री नहीं होने से उन्हें फसल बीमा और कृषि अनुदान सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ रही थी। शिविर में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की और उन्हें फार्मर रजिस्ट्री कार्ड उपलब्ध कराया। अपनी समस्या के तत्काल समाधान पर किसान शंकर ने राजस्थान सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
राजस्व रिकॉर्ड में नाम की त्रुटि हुई दूर, मिली राहत
जन सेवा शिविर में पटवार हल्का बड़गांव के ग्राम खिमखेड़ा निवासी खातेदार नानालाल पुत्र ललु मीणा के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम की त्रुटि का मौके पर ही समाधान किया गया। राजस्व खाते में नाम गलत दर्ज होने के कारण नानालाल को प्रशासनिक एवं कृषि संबंधी कार्यों में परेशानी हो रही थी। शिविर प्रभारी एवं एसडीएम अभिलाषा चौधरी के निर्देशन में राजस्व अधिकारियों ने प्रकरण की जांच कर खाता दुरुस्ती की प्रक्रिया पूरी की और खातेदार को सही नाम वाला आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराया। समस्या के तत्काल समाधान पर नानालाल ने प्रशासन एवं राजस्थान सरकार का आभार जताया।
पराया की भागल में जल्द दौड़ेगा बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क
ग्राम पंचायत ने मौके पर ही 2,000 वर्ग फीट भूमि का निःशुल्क पट्टा जारी किया
उदयपुर, 28 सितम्बर। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण लंबे समय से नेटवर्क समस्या से जूझ रहे पराया की भागल के ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। बीएसएनएल के 4जी सैचुरेशन प्रोजेक्ट के तहत गांव में मोबाइल टावर स्थापित किया जाएगा।
पराया की भागल के साथ बड़गांव उपखंड के पीपड़, कुंडल और तुला गांवों को भी परियोजना के तहत चिन्हित किया गया है। पराया की भागल में टावर लगाने के लिए बीएसएनएल द्वारा भूमि की मांग की गई थी, लेकिन बिलानाम भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रक्रिया अटकी हुई थी।
मामले में जांच के बाद ग्राम पंचायत द्वारा आबादी भूमि में से 2,000 वर्ग फीट भूमि का निःशुल्क पट्टा तत्काल जारी किया गया। विकसित भारत सेवा सेतु अभियान के तहत बड़गांव में आयोजित शिविर में उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर, तहसीलदार हितेश त्रिवेदी एवं विकास अधिकारी अजीत मीणा की मौजूदगी में पट्टा बीएसएनएल प्रतिनिधि को सुपुर्द किया गया। उपखंड अधिकारी के निर्देश पर ग्राम विकास अधिकारी रामा ने मौके पर ही पट्टा जारी करने की कार्रवाई पूरी की।
अब बीएसएनएल द्वारा शीघ्र ही टावर लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। टावर शुरू होने के बाद क्षेत्र की करीब 2 हजार की आबादी को बेहतर 4जी नेटवर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों सहित ई-मित्र, ऑनलाइन शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य आईटी आधारित सेवाओं को तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
राइजिंग राजस्थान में एमओयू करने वाले निवेशकों के लिए औद्योगिक/व्यावसायिक भूखण्डों के प्रत्यक्ष आवंटन/ई-नीलामी/रेंटल पॉलिसी की प्रक्रिया प्रांरभ
उदयपुर, 28 सितम्बर। जिले में रीको द्वारा विकसित किये गये विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में राइजिंग राजस्थान में एमओयू करने वाले निवेशकों के लिए औद्योगिक/व्यावसायिक भूखण्डो के प्रत्यक्ष आवंटन/ई-नीलामी/रेंटल पॉलिसी की प्रक्रिया सोमवार 28 सितम्बर से प्रांरभ की जा चुकी है। इसके अन्तर्गत औद्योगिक भूखण्डों के आरक्षित मूल्य पर चार औद्योगिक क्षे़त्रों के कुल 162 औद्योगिक भूखण्डों के प्रत्यक्ष आंवटन के चौहदवें चरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। योजनान्तर्गत औद्योगिक क्षेत्र कलडवास (विस्तार), आमली, औद्योगिक क्षेत्र सगतपुरा (भीण्डर) व श्रीराम जानकी औद्योगिक औद्योगिक क्षेत्र, माल की टूस के औद्योगिक भूखण्ड शामिल हैं।
रीको के अतिरिक्त महाप्रबन्धक अजय पण्ड्या ने बताया कि योजनान्तर्गत धरोहर राशि 28 सितम्बर प्रातः 10 बजे से 12 अक्टूबर सायं 6ः00 बजे तक जमा कराई जा सकेगी। किसी भी भूखण्ड पर एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर ई-लॉटरी 15 अक्टूबर को की जायेगी।
श्री पण्ड्या ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र कलड़वास (विस्तार) में 2 औद्योगिक भूखण्ड, औद्योगिक क्षेत्र आमली में 60, औद्योगिक क्षेत्र सगतपुरा (भीण्डर) में 90, एवं औद्योगिक क्षेत्र श्रीराम जानकी माल की टूस में 10 औद्योगिक भूखण्डों को प्रत्यक्ष आंवटन योजना के चौहदवें चरण में रखा गया है। उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति के लिये 06, महिला उद्यमियों के लिये 4, भूतपूर्व सैनिको के लिये 1, बैचमांर्क दिव्यागंजनों के लिये 3 तथा सशस्त्र बलों के शहीदो के आश्रितो के लिये 1 भूखण्ड आरक्षित है।
उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष आवंटन योजना के चौहदवें चरण में शामिल औद्योगिक क्षेत्र श्रीराम जानकी माल की टूस तथा सगतपुरा (भीण्डर) के औद्योगिक भूखण्डों पर फ्लेक्सिबल लैण्ड लीज पॉलिसी के अन्तर्गत आवंटन दर की 60 प्रतिशत दर पर 33 वर्ष की लीज अवधि के लिये किया जायेगा, जिससे निवेशको को कम दर पर भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
राइजिंग राजस्थान में इस योजना की अन्तिम तिथि 12 अक्टूबर तक एमओयू करने वाले सभी निवेशक योजना में आवेदन करने हेतु पात्र होगे। सफल आवेदकों को प्रस्ताव पत्र की 25 प्रतिशत राशि जमा कराने के बाद शेष 75 प्रतिशत राशि का भूगतान त्रैमासिक किश्तो में 8.50 प्रतिशत ब्याज के साथ या 120 दिनों के भीतर ब्याज रहित भुगतान की सुविधा सुविधा प्रदान की गई है। साथ ही सफल आवेदकों द्वारा 25 प्रतिशत राशि जमा कराते ही आवंटन पत्र व भूखण्ड का कब्जा भी प्रदान कर दिया जायेगा।
इसके अतिरिक्त सरल ई-नीलामी के माध्यम से भी सनवाड में 23 औद्योगिक भूखण्डों तथा भामाशाह कलडवास में 9 वाणिज्यिक भूखण्डों की ई- निलामी द्वारा आवंटन किया जाएगा। जिसकी धरोहर राशि 28 सितम्बर प्रातः 10 बजे से 13 अक्टूबर सायं 6 बजे तक जमा कराई जा सकेगी जिसकी बिडिंग प्रक्रिया 14 अक्टूबर प्रातः 10 बजे से 16 अक्टूबर सायं 5 बजे तक रहेगी।
प्लग एण्ड प्ले स्कीम के तहत आईआईडी सेन्टर कलडवास में भी 1 भूखण्ड 3500 वर्गमीटर का ई-नीलामी द्वारा रेंटल पॉलिसी के अन्तर्गत आवंटन के लिए रखा गया है। जिसकी धरोहर राशि 28 सितम्बर प्रातः 10 बजे से 13 अक्टूबर सायं 6 बजे तक जमा कराई जा सकेगी। जिसकी बिडिंग प्रक्रिया 14 अक्टूबर प्रातः 10 बजे से 16 अक्टूबर सायं 5 बजे तक रहेगी।
भाग लेने हेतु इच्छुक आवेदकों को ऑनलाईन आवेदन करते समय प्रारम्भ भूखण्ड का 360 डिग्री फोटो व्यू एवं गुगल लोकेशन भी दिखेगा, जिससे आवेदको को भूखण्ड के आस-पास की पूरी स्थिति की जानकारी प्राप्त होने के साथ-साथ भूखण्ड के चयन करने व आवेदन करने में आसानी होगी। इसके अलावा जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र द्वारा राज्य सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ भी प्राप्त किया जा सकेगा। अधिक जानकारी व विस्तृत विवरण प्राप्त करने के लिये रीको कार्यालय मे सम्पर्क किया जा सकता है साथ ही रीको की वेबसाइट पर भी विस्तृत विवरण एवं शर्तें उपलब्ध हैं।
सहायक पद पर पूर्व सैनिक की नियुक्ति हेतु प्रार्थना पत्र आमंत्रित
उदयपुर, 28 सितम्बर। उदयपुर सैनिक विश्राम गृह में संविदा के आधार पर सहाकय के पद पर पूर्व सैनिक की नियुक्ति की जानी है। सिपाही या नायक से सेवानिवृत्त इच्छुक पूर्व सैनिक जिसकी आयु 58 वर्ष से कम हो जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में उपस्थित होकर अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं ।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल कमलेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि संविदा पर सहायक के पद पर चयन विभाग द्वारा गठित समिति द्वारा साक्षात्कार के माध्यम के किया जायेगा । उन्होंने बताया कि नियुक्ति पूर्णतया संविदा पर होगी और अमलगमेटेड फण्ड द्वारा निर्धारित मानदेय प्रतिमाह भुगतान किया जायेगा। विस्तृत जानकारी एवं प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने हेतु 03 दिन में कार्यालय समय में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सेवा सेतु शिविर 30 सितम्बर तक
उदयपुर, 28 सितम्बर। भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के दिशा-निर्देशानुसार जिले में 28 से 30 सितंबरतक ब्लॉक स्तर पर सेवा सेतु शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ आमजन की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दीपेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि शिविरों में सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों (आईईसी) के तहत विभाग की प्रमुख योजनाओं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई ) तथा वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी) की पोर्टेबिलिटी व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
शिविरों में होंगे ये प्रमुख कार्य
श्री राठौड ने बताया कि शिविरों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लंबित आवेदन प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। साथ ही योजना में चयनित लाभार्थियों की आधार सीडिंग, ई-केवाईसी तथा लाभार्थी परिवारों की एलपीजी आईडी सीडिंग की जाएगी। इसके अलावा संपर्क, सीपीजीआरएएमएस व एनएफएसए पोर्टल पर प्राप्त लंबित परिवेदनाओं एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाएगा। लाभार्थियों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं निर्धारित विशेषताओं से अवगत कराने के लिए खाद्यान्न के नमूनों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ने समस्त उपखंड अधिकारियों को अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों के लिए शिविर प्रभारियों की नियुक्ति करने तथा जनप्रतिनिधियों एवं आमजन की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।