उदयपुर पर्यटन के लिए बने मास्टर प्लान, पार्किंग का हो स्थायी समाधान

Share

होटल एसोसिएशन ने पर्यटन विभाग से की मांग; नाइट फूड कोर्ट, एडवेंचर जोन और राजीव गांधी पार्क के विकास का भी सुझाव
उदयपुर, 6 अक्टूबर:
उदयपुर में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए होटल एसोसिएशन उदयपुर ने शहर के लिए समग्र पर्यटन मास्टर प्लान तैयार करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पर्यटन विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर सुमिता सरोच से मुलाकात कर पर्यटन विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात और पार्किंग सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की और कई सुझाव दिए।
एसोसिएशन के सचिव विकास पोरवाल ने बताया कि अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन स्थलों के विकास के साथ शहर में यातायात व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग सुविधा को मास्टर प्लान में प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही उदयपुर के आसपास नए पर्यटन स्थल विकसित करने और एडवेंचर जोन तैयार कर एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया, ताकि पर्यटकों का ठहराव बढ़ाया जा सके।
राजीव गांधी पार्क को विश्वस्तरीय बनाने की मांग
एसोसिएशन ने राजीव गांधी पार्क को विश्वस्तरीय उद्यान के रूप में विकसित करने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हाल में उदयपुर विकास प्राधिकरण ने नेहरू गार्डन का नवीनीकरण किया है। इसी तर्ज पर राजीव गांधी पार्क का विकास होने पर यह शहर में नया पर्यटन आकर्षण बन सकता है।
शहर में रात्रिकालीन फूड कोर्ट विकसित करने का सुझाव भी दिया गया, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शाम के बाद खान-पान और मनोरंजन की बेहतर सुविधा मिल सके। इसके अलावा आधुनिक सुविधाओं वाले सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण तथा पुराने शौचालयों के सुधार और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में विशेष रूप से महिला शौचालय बनाने की मांग की गई।
एयरपोर्ट से शहर और नाथद्वारा तक बस सेवा बढ़ाने का सुझाव
प्रतिनिधिमंडल ने डबोक एयरपोर्ट और उदयपुर शहर के बीच संचालित सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की। साथ ही नगर निगम की इलेक्ट्रिक बस सेवा के एकलिंगजी तक विस्तार का स्वागत करते हुए इसे नाथद्वारा तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया। इससे उदयपुर आने वाले पर्यटकों को श्रीनाथजी के दर्शन के लिए नाथद्वारा तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।
एसोसिएशन ने राजस्थान के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को आधुनिक माध्यमों से बढ़ाने पर भी जोर दिया। सोशल मीडिया, ट्रैवल ब्लॉगर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के माध्यम से पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग और प्रमोशन बढ़ाने का सुझाव दिया गया।
ज्वाइंट डायरेक्टर सुमिता सरोच ने प्रतिनिधिमंडल के सुझावों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए कहा कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने पार्किंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से जुड़े अन्य विषयों पर उचित स्तर पर विचार करने की बात कही।