वर्षीतप पूर्ण होने पर गौसेवा का अनूठा उदाहरण, सातवें छप्पन भोग का आयोजन

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उदयपुर, 3 मई:
वर्षीतप जैसी कठिन तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बड़ोदरा-सूरत की आराधिका सोनिका व सुजय खिवेसरा ने गौसेवा से जुड़कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने सातवें छप्पन भोग का लाभ लेकर गौमाता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गुरु कमल चंद्र रोशन गौ सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित 108 गौशालाओं में चल रही छप्पन भोग श्रृंखला के तहत यह आयोजन किया गया। छठा छप्पन भोग हल्दीघाटी क्षेत्र के सेमल स्थित गौशाला में आयोजित हुआ, जबकि सातवां भोग कदमाल की श्री पार्श्वनाथ गौशाला में संपन्न हुआ। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में गौभक्तों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
अध्यक्षता करते हुए विद्वानों ने गौसेवा को संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जैविक कृषि से जोड़ते हुए इसकी महत्ता बताई। इस दौरान विभिन्न गौशालाओं के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणाएं भी की गईं।
आयोजन में गौभक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सेवा भाव से योगदान दिया। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे आस्था, सेवा और संस्कार का सुंदर संगम बताया।