उदयपुर में भव्य संगीत संग्रहालय की कार्ययोजना तैयार

Share

सुरों की मण्डली संस्था की बैठक में निर्माण कार्य 1 जून से शुरू करने का निर्णय
उदयपुर, 17 मई
: शहर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था ‘सुरों की मण्डली’ द्वारा प्रस्तावित भव्य संगीत संग्रहालय निर्माण को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश माधवानी के नेतृत्व में सम्पन्न हुई, जिसमें उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संगीत से जोड़ने के उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा की गई।
दुर्लभ वाद्य यंत्र और संगीत विरासत होगी संरक्षित
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित संग्रहालय में भारतीय संगीत से जुड़े दुर्लभ वाद्य यंत्र, महान कलाकारों की स्मृतियां, उपलब्धियां और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जाएगा। संस्था का उद्देश्य इसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
भूमि दान करने वाली रंजना भाटी का सम्मान
संग्रहालय निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने वाली रंजना भाटी का संस्था की ओर से विशेष सम्मान किया गया। पदाधिकारियों ने उनके योगदान को उदयपुर की सांस्कृतिक उन्नति की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 जून से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सबसे पहले परिसर में मां सरस्वती मंदिर की स्थापना की जाएगी।
लीगल कमेटी का गठन
संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने बताया कि यह परियोजना संस्था का ड्रीम प्रोजेक्ट है। बैठक में संगठन विस्तार, डिजिटल सपोर्ट, फंड मैनेजमेंट, कार्ययोजना और लीगल प्रक्रियाओं पर भी चर्चा हुई। संस्था ने लीगल कमेटी का गठन करते हुए इसकी जिम्मेदारी शिव रतन तिवारी को सौंपी।
हर माह होगी समीक्षा बैठक
संस्था ने निर्णय लिया कि परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रत्येक माह की 1 और 16 तारीख को नियमित बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने तन-मन-धन से सहयोग देने का संकल्प लिया। मुकेश माधवानी ने कहा कि यह संग्रहालय केवल भवन नहीं, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान और संगीत प्रेमियों के सपनों का केंद्र बनेगा।