ताज अरावली पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के आरोप

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यूडीए से भूमि आवंटन निरस्त करने, निर्माण रोकने और जांच की मांग
उदयपुर, 14 मई:
उदयपुर स्थित ताज अरावली रिजॉर्ट एंड स्पा के संचालक मैसर्स ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों पर सरकारी, वन एवं पहाड़ी भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करने के आरोप लगे हैं। ताज अरावली ओनर एसोसिएशन ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) को शिकायत देकर वर्ष 2023 में हुए भूमि आवंटन को निरस्त करने तथा निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
हिल बायलॉज उल्लंघन और वन भूमि कब्जे का आरोप
शिकायत में कंपनी के निदेशक राजीव आनंद, शाहिल आनंद और चारु आनंद पर बुझरा गांव स्थित “पहाड़” दर्ज भूमि पर व्यावसायिक निर्माण कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार खसरा नंबर 158, 162/1 और 163 की भूमि राजस्थान हिल बायलॉज-2018 के दायरे में आती है, जहां पहाड़ काटने और बड़े निर्माण कार्यों की अनुमति नहीं है।
आरोप है कि कंपनी ने रिजॉर्ट विस्तार के लिए 25 एकड़ अतिरिक्त भूमि मांगी थी, जिस पर होटल सुइट, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट और स्विमिंग पूल सहित करीब 75 करोड़ रुपए की परियोजना प्रस्तावित थी।
सरकारी भूमि उपयोग पर भी उठे सवाल
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि परियोजना में अनुसूचित जनजाति किसानों की कृषि भूमि, सिंचाई विभाग और वन विभाग की जमीन का भी उपयोग किया गया। शिकायत में हाईकोर्ट के 24 अगस्त 2023 के आदेश का हवाला देते हुए निर्माण अनुमतियां रद्द करने, कथित अतिक्रमण हटाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।