स्थाई लोक अदालत ने वल्लभनगर पालिका को लगाई फटकार, वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के दिए निर्देश
उदयपुर, 6 अगस्त: वल्लभनगर कस्बे में मृत पशुओं को नदी, श्मशान घाट और सार्वजनिक स्थलों पर फेंकने के मामले में स्थाई लोक अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने नगर पालिका को निर्देश दिए हैं कि मृत पशुओं का निस्तारण केवल निर्धारित स्थान पर वैज्ञानिक और सम्मानजनक तरीके से किया जाए तथा उन्हें बेड़च नदी, कचरा स्थल या आम रास्तों पर नहीं छोड़ा जाए।
यह आदेश राजस्थान आरटीआई एक्टिविस्ट फोरम के सदस्य सुरेश कुमार कोठारी की याचिका पर सुनवाई के बाद जारी हुआ। याचिका में आरोप लगाया गया कि मृत पशुओं के निस्तारण का ठेका लेने वाला ठेकेदार शवों को श्मशान घाट और नदी किनारे छोड़ देता है, जिससे अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है और नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
याचिका के साथ प्रशासन को पूर्व में दिए गए ज्ञापन तथा मृत पशुओं को ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के पीछे रस्सी से बांधकर घसीटते हुए ले जाने के फोटोग्राफ भी साक्ष्य के रूप में पेश किए गए। अदालत ने पालिका को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृत पशुओं के परिवहन के लिए उचित व्यवस्था की जाए और पर्यावरण व जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनका वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।