बच्चों की मौत के बाद सख्ती: 4 अवैध क्लीनिक सीज

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छापेमारी में झोलाछाप फरार, प्रशासन बोला—जान से खिलवाड़ करने वालों पर नहीं होगी ढिलाई
उदयपुर, 10 अप्रैल
:सलूंबर जिले के लसाड़िया और झल्लारा क्षेत्र में रहस्यमयी बीमारी से 8 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अवैध क्लीनिकों को सीज कर दिया गया। इनमें 3 क्लीनिक लसाड़िया मुख्यालय और 1 आंजणी क्षेत्र में संचालित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान झोलाछापों में हड़कंप मच गया और कई लोग दुकानें खुली छोड़कर मौके से फरार हो गए।
कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की। टीम में लसाड़िया तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर, सीआई भरत सिंह राजपुरोहित, डॉक्टर गौरव परमार और ड्रग इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह शामिल रहे। जांच में सामने आया कि इन क्लीनिकों में बिना योग्यता के मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
“मामूली बीमारी में भी चढ़ा देते हैं ग्लूकोज”
सीएमएचओ महेन्द्र परमार ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर बिना जांच के मरीजों को हाई डोज दवाइयां और इंजेक्शन दे रहे हैं। यहां तक कि मामूली बीमारी में भी ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी जाती है, जो मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। प्रशासन के अनुसार ग्रामीण इलाकों में झोलाछापों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि लोग सरकारी अस्पतालों के बजाय इन्हीं पर भरोसा करने लगे हैं। यही वजह है कि इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। आने वाले दिनों में अन्य गांवों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई कर अवैध क्लीनिकों पर शिकंजा कसा जाएगा, ताकि आमजन की जान से खिलवाड़ करने वालों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।