प्राधिकरण बनने के बाद तीन गुनी हुई कमाई: यूडीए की तिजोरी भरी
उदयपुर, 10 अप्रैल: उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के प्राधिकरण बनने के बाद उसकी आय में तीन गुना तक इजाफा दर्ज हुआ है। जमीन, भवन और भूखंडों की बढ़ती मांग ने यूडीए को आर्थिक रूप से मजबूत बना दिया है, जिसके चलते अब 1020 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं से शहर का नक्शा बदलने की तैयारी है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में यूडीए की आय 379.66 करोड़ रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 687.73 करोड़ रुपए पहुंच गई—यह करीब 81 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि है। इस वित्तीय मजबूती के आधार पर 2026-27 के लिए 639.49 करोड़ आय और 1020.03 करोड़ रुपए खर्च का बजट प्रस्तावित किया गया है।
जमीन बिक्री से भरी तिजोरी
यूडीए की आय में सबसे बड़ा योगदान भूमि, भवन और भूखंड विक्रय का रहा, जिससे 343.76 करोड़ रुपए मिले। इसके अलावा भूमि नियमन शुल्क से 123.80 करोड़, आवासीय योजनाओं से 174.45 करोड़ और अन्य स्रोतों से 43.34 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। शहर के बाहरी क्षेत्रों—भुवाणा, गोवर्धन विलास, देबारी, प्रतापनगर और एयरपोर्ट रोड—में प्लॉटों की भारी मांग से प्राधिकरण को बड़ा फायदा हुआ।
पेराफेरी में 236 गांव जुड़े, बढ़ा दायरा
शहर विस्तार को देखते हुए यूडीए ने 236 नए गांवों को पेराफेरी क्षेत्र में शामिल किया है। इससे भविष्य में आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक योजनाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और अव्यवस्थित कॉलोनियों पर नियंत्रण संभव होगा। यूडीए आगामी वर्ष में सड़क नेटवर्क विस्तार, नई आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्क और सामुदायिक सुविधाओं पर बड़ा निवेश करेगा। यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर के अनुसार, “शहर के बढ़ते दायरे को देखते हुए नियोजित विकास पर फोकस है, ताकि शहरी और बाहरी दोनों क्षेत्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।”