अपराध समाचार : पंचवटी फायरिंग के आरोपी 7 घंटे में दबोचे, भागते समय दोनों के पैर टूटे

Share

पर्यटकों के कमीशन को लेकर रंजिश में चलाई थीं गोलियां, 120 किमी पीछा कर कोटड़ा के जंगल से पकड़ा
उदयपुर, 2 सितंबर:
उदयपुर में दिनदहाड़े फायरिंग की वारदात के बाद पुलिस ने महज सात घंटे में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों का करीब 120 किलोमीटर पीछा किया और कोटड़ा के जंगलों में घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा। उदयपुर लाते समय पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास में दोनों हाईवे किनारे खाई में कूद गए, जिससे उनके पैर टूट गए। दोनों को उपचार के लिए एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी डॉ. अमृता दुहन के अनुसार फायरिंग के पीछे पर्यटकों से मिलने वाले कमीशन और अवैध गाइडिंग को लेकर पुरानी रंजिश सामने आई है। 1 सितंबर को दोपहर करीब 2.30 से 3 बजे के बीच इरफान अपने भाई मोसीन के साथ पंचवटी स्थित यूआईटी पुलिया के पास खड़ा था। इसी दौरान शादाब खान उर्फ अली गाइड और मोहम्मद अरशद उर्फ बाटी स्कूटी से पहुंचे। आरोप है कि शादाब ने देसी पिस्टल से इरफान पर दो गोलियां चलाईं। एक गोली उसके दाहिने कंधे में लगी।
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। डीएसटी और कोटड़ा पुलिस की टीम ने दोनों को जंगल से गिरफ्तार किया। शादाब के खिलाफ करीब 20 और अरशद के खिलाफ दो गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं।

डबोक में घर में घुसकर विवाहिता का अपहरण, फायरिंग भी की

छह घंटे में पुलिस ने विवाहिता को सकुशल छुड़ाया, मुख्य आरोपी समेत पांच गिरफ्तार
उदयपुर, 2 सितंबर:
डबोक थाना पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट, फायरिंग और विवाहिता के जबरन अपहरण की वारदात का छह घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने विवाहिता को सकुशल बरामद करते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। वारदात में इस्तेमाल इटियोस कार और मौके से खाली कारतूस भी जब्त किया गया।
पुलिस के अनुसार 1 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे डबोक निवासी परिवार के सदस्य घर की पहली मंजिल पर खाना खा रहे थे। इसी दौरान सुरेश पुत्र उदयलाल निवासी बड़लिया अपने 7-8 साथियों के साथ घर में घुस आया। आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए परिवार की विवाहिता को जबरन कार में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया।
परिजनों ने विरोध किया तो मुख्य आरोपी सुरेश ने कथित रूप से फायरिंग कर दी। गोली एक महिला के कान के पास से निकल गई। रोकने का प्रयास करने वाले नारायण पर भी गोली चलाई गई, जो पास खड़ी पिकअप के कांच में जा लगी।
सूचना मिलते ही थानाधिकारी गोपालनाथ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और घेराबंदी के आधार पर पुलिस ने छह घंटे में विवाहिता को बरामद कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में मनीष, पुष्कर उर्फ पूर्णा, मुकेशपुरी, सुरेश और अजय शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सुखेर पुलिस ने खोला बाइक चोरों का नेटवर्क, 12 मोटरसाइकिलें बरामद

एक आरोपी गिरफ्तार, साथी की तलाश जारी; जंगलों में छिपाकर रखते थे चोरी के वाहन
उदयपुर, 2 सितंबर:
सुखेर थाना पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की 12 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरोह से जुड़े दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए घटनास्थलों और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सूचना और मुखबिर तंत्र से मिले सुराग के आधार पर संदिग्ध मोवाराम पुत्र सवाराम निवासी वासिया फली, कोयलावास, थाना नाना, जिला पाली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने साथी के साथ सुखेर और शहर के अन्य इलाकों से बाइक चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी एक बाइक से शहर में आते और सुनसान या कम भीड़ वाले स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रैकी करते थे। मौका मिलते ही दूसरी बाइक चोरी कर लेते थे। चोरी किए वाहनों को गांव के आसपास भीमाणा के जंगलों में सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हीरो डीलक्स, स्प्लेंडर प्लस और यामाहा सहित 12 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों के संबंध में सुखेर, देबारी, प्रतापनगर, आयड़, भूपालपुरा, सुमेरपुर, गुजरात और जोधपुर सहित विभिन्न स्थानों से चोरी की जानकारी सामने आई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

भींडर पुलिस ने वाहन चोरों पर कसा शिकंजा, 9 बाइक बरामद

मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों के बाहर करते थे रैकी, दो आरोपी गिरफ्तार
उदयपुर, 2 सितंबर:
भींडर थाना पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही से चोरी की नौ मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी मुख्य रूप से मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों के बाहर खड़ी बाइकों की रैकी करते और मौका मिलते ही उन्हें चोरी कर लेते थे।
पुलिस के अनुसार भींडर निवासी दशरथ कुमार चौबीसा ने 24 अगस्त को रिपोर्ट दी थी कि भींडेश्वर महादेव मंदिर के बाहर खड़ी उनकी हीरो होंडा डीलक्स मोटरसाइकिल चोरी हो गई। मामला दर्ज होने के बाद थानाधिकारी मुकेश चंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी संसाधनों और मुखबिर तंत्र की सहायता से संदिग्धों की पहचान की। पूछताछ के बाद राहुल पुत्र प्रकाश (19) निवासी मंगलवाड़ चौराहा, चित्तौड़गढ़ और दशरथ उर्फ गोविंदा पुत्र लक्ष्मीलाल (23) निवासी आमली चौराहा, निम्बाहेड़ा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी मास्टर चाबी से बाइक का लॉक खोलकर वाहन चोरी करते थे। पुलिस से बचने के लिए नंबर प्लेट हटाने और इंजन-चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ करने के बाद चोरी की बाइक को सुनसान इलाकों या जंगलों में छिपा देते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर एनएच-48, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, सांवलिया जी और भींडेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न स्थानों से चोरी की नौ मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस अब अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।