थाने में झोली फैलाकर मनाया, नहीं मानी तो तोड़ा रिश्ता; 31 मार्च को ब्रह्मभोज घोषित
उदयपुर, 22 मार्च: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक अनोखा और भावनात्मक मामला सामने आया है, जहां बेटी के प्रेम विवाह से आहत पिता ने उसे जीवित होते हुए भी मृत मान लिया। पिता ने बेटी का शोक संदेश छपवाकर 22 मार्च को तीये की बैठक और 31 मार्च को ब्रह्मभोज का कार्यक्रम घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार युवती जयपुर में पढ़ाई करती थी और उसने अपनी मर्जी से दूसरे समाज के युवक से विवाह कर लिया। मामला सामने आने पर युवक-युवती परिजनों को मनाने पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद दोनों सुरक्षा की मांग को लेकर थाने पहुंच गए।
सूचना मिलने पर परिजन भी थाने पहुंचे, जहां पिता ने बेटी को मनाने के लिए उसके सामने झोली तक फैलाई और घर लौटने की गुहार लगाई, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही। इस घटना से आहत पिता ने बेटी से संबंध समाप्त करते हुए उसे मृत मान लिया।
पिता द्वारा छपवाए गए शोक संदेश में 20 मार्च 2026 को बेटी का ‘स्वर्गवास’ दर्शाया गया है। साथ ही पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत तेरहवीं और अन्य कार्यक्रमों की तिथियां भी घोषित की गई हैं।
मामले में संबंधित थानाधिकारी ने बताया कि युवती बालिग है और उसे अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है। पुलिस ने दोनों को सुरक्षा प्रदान की है। वहीं, पिता द्वारा शोक संदेश छपवाना उनका निजी और भावनात्मक निर्णय बताया गया है।