उदयपुर जिले का मांडवा थानाधिकारी और कांस्टेबल 8 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

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एनडीपीएस केस में 4 लोगों को बचाने के बदले मांगे थे 20 लाख, ACB की ट्रैप कार्रवाई
उदयपुर, 22 मार्च:
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उदयपुर में मांडवा थाने के थानाधिकारी और एक कॉन्स्टेबल को 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब दोनों आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में चार लोगों को आरोपी नहीं बनाने के बदले रिश्वत ले रहे थे। एसीबी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
20 लाख की डिमांड, 8 लाख लेते दबोचे गए
जानकारी के अनुसार मांडवा थाने के एसएचओ निर्मल कुमार खत्री और कॉन्स्टेबल भालाराम ने एक एनडीपीएस केस में चार लोगों को आरोपी नहीं बनाने के एवज में 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता को लगातार डरा-धमकाकर पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। परेशान होकर उसने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एसीबी टीम ने सत्यापन कर ट्रैप की योजना बनाई। इस मामले में खास बात यह सामने आई है कि एनडीपीएस का केस मांडवा थाने में दर्ज था और मामले की जांच बेकरिया थानाधिकारी को सौंपी थी। इसके बावजूद मांडवा थानाधिकारी खत्री जबरन दवाब बनाकर रुपए ऐंठना चाहता था।
धमकी देकर बनाया दबाव, थाने में ही बिछा जाल
एसीबी डीआईजी रामेश्वर सिंह के निर्देशन में उदयपुर एसीबी थानाधिकारी सोनू शेखावत के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसे और अन्य लोगों को मामले में आरोपी बना दिया जाएगा। योजना के तहत शिकायतकर्ता जब 8 लाख रुपए लेकर थाने पहुंचा, तभी एसीबी टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में अन्य संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।