पैरों के निशान से ट्रेस हुई लोकेशन, रात में कई बार बदली पिंजरों की जगह; एक की मौत, चार घायल
उदयपुर, 29 अगस्त: उदयपुर शहर के समीप उमरड़ा खेड़ा गांव में पांच लोगों पर हमला करने वाला लेपर्ड आखिरकार शनिवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। उसे सुरक्षित रूप से सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ले जाया गया। पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीमें गांव के आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में लेपर्ड की तलाश में जुटी थीं।
लेपर्ड की लगातार तलाश के बावजूद कैमरा ट्रैप और ड्रोन से उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था। शुक्रवार को कैमरा ट्रैप में लेपर्ड नजर आया। इसके बाद वन विभाग ने इंप्रेशन पैड पर मिले पैरों के निशानों के आधार पर उसकी आवाजाही का रास्ता ट्रेस किया। संभावित मूवमेंट वाले स्थान चिन्हित कर पिंजरों की लोकेशन बदली गई। रात में कई बार पिंजरों की जगह बदलने के बाद शनिवार सुबह एक पिंजरे में लेपर्ड कैद हो गया।
चार पिंजरे लगाए, फिर बदली रणनीति
डीएफओ डीके तिवारी ने बताया कि शुरुआती तौर पर अलग-अलग स्थानों पर चार पिंजरे लगाए गए थे, लेकिन लेपर्ड उनमें नहीं आया। ड्रोन से भी जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की निगरानी की गई, लेकिन उसकी मौजूदगी का पता नहीं चला। बाद में इंप्रेशन पैड के जरिए उसके पैरों के निशानों को ट्रेस कर मूवमेंट वाले क्षेत्र का अनुमान लगाया गया। इसी आधार पर पिंजरों की लोकेशन बदली गई और नई रणनीति कामयाब रही।
मंगलवार से बुधवार तक किए हमले
उमरड़ा खेड़ा में लेपर्ड ने मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक पांच लोगों पर हमला किया था। मंगलवार शाम उसने लोगर लाल मीणा (45) पर हमला किया था। बुधवार सुबह जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, हितेश (20) पुत्र गंगाराम और कालू (40) पर घात लगाकर हमला किया। इसके बाद दोपहर में लोगरी बाई (45) को भी घायल कर दिया। हमले में लोगर लाल मीणा की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।